बालासोर ट्रेन हादसा: एक शव के 5 दावेदार, 18 दिन बाद भी मां को नहीं मिली इकलौते बेटे की लाश

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रिपोर्ट- प्रियांक सौरव

मुजफ्फरपुर. बीते 2 जून को ओड़िशा के बालासोर में हुए कोरोमंडल एक्सप्रेस हादसे में करीब 290 लोगों की मौत हुई थी, वहीं सैंकड़ो घायल हो गए थे जबकि कई लोग अब तक लापता हैं. इस हादसे में मुजफ्फरपुर के भी कई परिवारों के चिराग बुझ गए. एक ऐसा ही परिवार हैं मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र के मिश्रौलिया की रहने वाली विधवा संजू देवी का. संजू देवी का इकलौता 15 वर्षीय बेटा अखिलेश भी इस हादसे की भेंट चढ़ गया.

अखिलेश के पिता रामगुलाम राय की मौत कुछ साल पहले हो गई थी. अखिलेश चार बहनो में अकेला भाई है. दो बहनों की शादी किसी तरह से हुई, वहीं दो छोटी बहनो और बूढ़ी मां की जिम्मेदारी 15 वर्षीय अखिलेश के ऊपर थी. इन्ही जिम्मेदारियों को लेकर वह हैदराबाद कमाने निकल गया, लेकिन बीच रास्ते में ही ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई. परिवार को जब घटना का पता चल तो सब परेशान हो गए, फिर दो दिन बाद अखिलेश के शव का फोटो देख मां और बहनोई ओड़िसा गए. वहां शव की पहचान भी कर ली गई लेकिन उस शव पर 4 अन्य लोगों ने दावा कर दिया था.

ऐसे में मां तड़पती रही लेकिन उसे बेटे का शव नहीं मिला. DNA टेस्ट भी कराया गया, लेकिन घटना के 18 दिनों के बाद भी आज तक अखिलेश का शव सौंपा नहीं गया हैं. अंत में थक हारकर अखिलेश की बूढ़ी बेबस मां घर लौट आई. उन्हें इंतजार है कि कोई उनके बेटे के बारे में सूचना दे. अखिलेश के ठीक बगल के रहने वाले एक और युवक मंजय के लाश की अब तक पहचान नहीं हो सकी है.

मंजय शादीशुदा है और उसके दो मासूम बच्चे हैं. मंजय के पिता बृजनंदन राय भी अपने बेटे के लिए ओड़िसा चले गए, लेकिन ना ही उनके बेटे का शव मिला और ना ही कोई जानकारी. उनका भी DNA सैम्पल ले लिया गया है, ताकि किसी लाश से मैच हो तों दिया जा सके. हालांकि अब जब यहां से कॉल किया जाता है तों वहां कोई रिस्पांस नहीं दिया जाता.

Tags: Muzaffarpur news, Odisha news, Train accident

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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