ये 5 विलेन है यूरिक एसिड को बढ़ाने वाले असली दुश्मन, भूलकर भी न करें ज्यादा सेवन, वरना बुढ़ापे में चल भी नहीं पाएंगे

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हाइलाइट्स

कैंडी, चॉकलेट, पैकेज्ड स्वीट्स, सोडा, सॉफ्ट ड्रिंक, फास्ट फूड, आइस्क्रीम आदि में कॉर्न सिरप का इस्तेमाल किया जाता है.
गठिया के मरीजों के लिए भी मीठा ड्रिक्स और मिठाई जहर समान है.

Worst Foods for Uric Acid: गठिया बेहद दर्दनाक बीमारी है. इसे आर्थराइटिस और गाउट भी कहा जाता है. आमतौर पर यह बीमारी 50 साल की उम्र के बाद होती है लेकिन आजकल कम उम्र में भी गठिया के काफी मरीज देखे जा रहे हैं. इस बीमारी में जोड़ों में बेपनाह दर्द होता है. दरअसल, गठिया तब होता है जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा सामान्य से ज्यादा बढ़ जाती है. अतिरिक्त यूरिक एसिड तेजी से क्रिस्टल के रूप में बनने लगते हैं और हड्डियों के जोड़ों के बीच चिपकने लगते हैं. इससे बहुत तेज दर्द होता है. हालांकि शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कम कर इस दर्द को कम किया जा सकता है. यूरिक एसिड कम बनने से क्रिस्टल भी कम बनेंगे और फिर दर्द भी कम बनेगा लेकिन यह समझना जरूरी है कि यूरिक एसिड ज्यादा बनता क्यो है.

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक जब हम भोजन करते हैं तो उससे पाचन के बाद प्रोटीन बनता है. प्रोटीन हमारे शरीर के लिए जरूरी है लेकिन इस प्रोटीन बनने की प्रक्रिया में प्यूरिन भी बनता है. प्यूरिन ही टूटकर यूरिक एसिड में बदल जाता है. आमतौर पर सामान्य मात्रा में बने यूरिक एसिड को किडनी पेशाब के रास्ते फ्लश आउट कर देती है लेकिन जब यह ज्यादा होने लगता है तो किडनी इसे पास करने में असमर्थ हो जाती है. हालांकि कुछ फूड में सीधा प्यूरिन रहता है जो ज्यादा परेशानी का सबब है. इसलिए यह जानने की जरूरत है कि प्यूरिन किस तरह के फूड में ज्यादा पाया जाता है.

यूरिक एसिड को बढ़ाने में विलेन हैं ये फूड

1. मीठा ड्रि्क और स्वीट्स-जिस तरह डायबिटीज के मरीजों के लिए मीठा जहर समान है, उसी तरह गठिया के मरीजों के लिए भी मीठा ड्रिक्स और मिठाई जहर समान है. जिस फूड में शुगर या फ्रूक्टोज की मात्रा ज्यादा होती है उसमें नेचुरली प्यूरिन की मात्रा भी ज्यादा होती है जिससे बहुत ज्यादा यूरिक एसिड बनता है. इसलिए मीठा ड्रिक्स और मिठाई से दूर रहें.

2. कोर्न सिरप-कॉर्न सिरप एक तरह का आर्टिफिशियल मीठा लिक्विड है जिसे कई तरह के फूड में मिलाया जाता है. इसमें कॉर्न स्टार्च से ग्लूकोज, फ्रूक्टोज को कृत्रिम तरीके से मिक्स किया जाता है. कैंडी, चॉकलेट, पैकेज्ड स्वीट्स, सोडा, सॉफ्ट ड्रिंक, जूस ड्रिंक्स, फास्ट फुड, चटनी, आइस्क्रीम, जैम, ब्रेड, पैकेटबंद फूड आदि में कॉर्न सिरप का इस्तेमाल किया जाता है. इन फूड में प्यूरिन की मात्रा ज्यादा होती है. इससे यूरिक एसिड बनता है. इसलिए इसका सेवन दर्द को और अधिक बढ़ा देगा.

3.अल्कोहल-हालांकि हर तरह के अल्कोहल में प्यूरिन की मात्रा नहीं होती है लेकिन अल्कोहल किडनी से यूरिक एसिड को बाहर होने से रोकता और यह शरीर में वापस करवा देता है. इसलिए अल्कोहल का सेवन नहीं करना चाहिए.

4. रेड मीट-रेड मीट में यदि आप लिवर, ब्रेन और किडनी का सेवन करते हैं तो इसमें बहुत अधिक मात्रा में प्यूरिन होता है. इसके साथ ही प्रीजर्व मटन आइटम में प्यूरिन बहुत होता है.

5. सीफूड-हेरिंग, स्कैलप्स, मसल्स, कॉडफ़िश, टूना, ट्राउट, हैडॉक आदि में प्यूरिन की मात्रा ज्यादा होती है. इसलिए इन सी फूड का सेवन यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ा देता है.

6. मीट की ग्रेवी-मटन की ग्रेवी से भी यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है. इसके साथ ही कुछ यीस्ट आधारित फूड में प्यूरिन की मात्रा ज्यादा होती है. ये सारे फूड यूरिक एसिड को बढ़ाने में विलेन का काम करते हैं.

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Tags: Health, Health tips, Joint pain, Lifestyle

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Author: Up Head Line

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