Puri Jagannath Rath yatra 2023: जगन्नाथ पुरी में रथयात्रा की तैयारी पूरी, जानें कैसा बनता है विशाल रथ

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


रामकुमार नायक/महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से लगे ओडिशा में रथयात्रा बहुत ही धूमधाम से मनाई जाती है. रथयात्रा के लिए ओडिशा का जगन्नाथ धाम पुरी विश्व प्रसिद्ध है. पुरी जगन्नाथ जी महाप्रभु की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के लिए रथ निर्माण का काम लगातार जारी है. आगामी 20 जून को रथयात्रा निकाली जाएगी. इससे पहले 4 जून को प्रभु की देवस्नान पूर्णिमा नीति संपन्न हो चुकी है. रथयात्रा एवं देव स्नान पूर्णिमा से पहले 23 मई अक्षय तृतीया के दिन रथ की लकड़ी का पूजन किया गया और रथ निर्माण का कार्य शुरू हुआ.

बलभद्र मंदिर के सेवादार प्रशांत महाराणा ने बताया कि रथयात्रा के लिए हर वर्ष नया रथ बनाया जाता है. रथ के बनने में लगभग दो महीने का समय लगता है. कुल तीन रथ बनाए जाते हैं. एक रथ में लगभग 26 लोग काम करते हैं. रथयात्रा के बाद रथ की छोटी लकड़ियों का उपयोग मंदिर में खाना बनाने के लिए किया जाता है. वहीं, बड़ी लकड़ियों की नीलामी होती है. रथ की लकड़ियों की नीलामी में ओडिशा के अलावा दूसरे प्रदेश के और बाहर से बहुत से लोग आते हैं.

रथ गाड़ी में बनाई जा रही सुंदर-सुंदर कलाकृति 

सेवादार प्रशांत महाराणा ने आगे बताया कि मैं पिछले 35 वर्षों से जगन्नाथ धाम पुरी में रह रहा हूं. रथयात्रा के लिए रथ बनाने का काम मेरे से 50 वर्ष पहले से मेरे पिताजी गजाधर महाराण भी करते थे. अब मैं भी यह काम कर रहा हूं. रथयात्रा में काफी भीड़ रहती है. जिसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन की चकाचौंध व्यवस्था रहती है. रथयात्रा के बाद रथ को खोला जाता है. रथ गाड़ी के पहियों को मंदिर में रखा जाता है. रथ बनाने वालों को मजदूरी दी जाती है. रथ गाड़ी में सुंदर- सुंदर कलाकृति बनाई जा रही है. कलाकृति बनाने वाले कलाकार मूलतः ओडिशा के ही रहने वाले हैं, जो रथ गाड़ी बनाने में अपना श्रमदान देते हैं.

.

FIRST PUBLISHED : June 19, 2023, 19:31 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें