इस संत की कुटिया में रात में नहीं रह सकता कोई शख्स! जानें क्या है 100 वर्ष पुरानी इस झोपड़ी का रहस्य

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

कृष्ण कुमार/नागौर. नागौर के रायधनु गांव में एक मात्र पहाड़ी जमीन से निकली हुई है. जबकि इस गांव को रेतीली इलाकों में गिना जाता है. इस गांव में पहाड़ी पर 100 वर्ष पुरानी एक संत की झोपड़ी बनी हुई है. जिसमें कोई भी व्यक्ति रात को रुक नहीं सकता और कोई भी संत वहां पर तपस्या नहीं कर सकता है. यह पहाड़ी का एक अद्भूत रहस्य बना हुआ है.

दरअसल हुआ यूं कि यहां पर रायधनु गांव में जन्म लेने वाले संत सांवतसिंह ने इस पहाड़ी पर तपस्या की. इन्होंने इसी पहाड़ी को अपना तपस्या स्थल बनाया और इसी पहाड़ी के ऊपर इनकी समाधि बनी हुई है. कानाराम प्रजापत ने बताया कि यह पहाड़ी 100 वर्ष पुरानी पहाड़ी है. यह गांव में एक मात्र पहाड़ी है और बाकी गांव में छोटी-छोटी भकरी (छोटी पहाड़ी) है. यहां पर संत सांवतसिंह ने कई वर्षों तक तपस्या की और यहां पर ही समाधि ले ली. लेकिन बाद में यह गांव वालों के लिए आस्था का केन्द्र बना गया और यहां पर सभी परिक्रमा देने आते हैं.

जानिए क्यों होती है संत की पूजा
दरअसल ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यत: यहां पर पशुओं के लिए संत की पूजा की जाती है. क्योंकि पशुओं से संबंधी कोई भी बीमारी हो तो संत सांवतसिंह के नाम की तांती (धागा) बांधने से ठीक हो जाते है. यदि किसी पशु के स्तनों मे से दूध आना बंद हो जाना (ओगू रोग) या किसी पशु के मुहाव या खुराला नामक बीमारी से ग्रसित हो जाते है तो इनके नाम से तांंती (धागा) बांधने से पशु तैयार हो जाता है. इसलिए संत सांवतसिंह जी की पूजा की जाती है. वर्तमान समय मनुष्य भी यहां पर परिक्रमा लगाते है और सच्चे मन से संत को याद करते है तो मनोकामना पूर्ण होती है तथा कष्ट व रोग भी दूर होते है.

खास चमत्कार 
कानाराम प्रजापत ने बताया कि इस पहाड़ी पर रात को 9 बजे बाद यहां पर कोई रुक नहीं सकता क्योंकि व्यक्ति रुकने की कोशिश करता है तो वहां पर रुक नहीं पाता है और बाहर आने पर कुछ याद नहीं रहता है. व्यक्ति को पता नहीं चल पाता है कि हुआ क्या .ग्रमीणों ने बताया यहां केवल सिद्ध पुरुष जिसने कभी भी पाप नहीं किया हो वहीं व्यक्ति रुक सकता है. इसका आज तक रहस्य बना हुआ है. संत सांवतसिंहजी का खास चमत्कार है कि अगर वर्ष में एक बार इनकी कुटिया (झोपड़ी) का पुननिर्माण नहीं किया जाए तो गांव मे अच्छी बारिश नहीं होती है. इसलिए साल में एक बार मिलकर इनकी कुटिया का पुन: निर्माण करते है .

(नोट: न्यूज 18 इसकी पुष्टि नहीं करता है क्योंकि यह धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ मुद्दा है.)

.

FIRST PUBLISHED : June 17, 2023, 14:27 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें