MP Election 2023: महज एक वार्ड की जीत पर क्यों झूमी पूरी भाजपा? वजह जानेंगे तो पता चलेगी विधानसभा चुनाव की तस्वीर

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हाइलाइट्स

छिंदवाड़ा की जिम्मेदारी खुद गृह मंत्री अमित शाह ने ली है. इसलिए जीत से भाजपा की बांछे खिली हुई है.
भाजपा को उम्मीद, मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा मॉडल के फ्लॉप होने का नैरिटिव सेट होगा तो उसे फायदा होगा
कांग्रेस ने कहा- भाजपा ने सत्ता और धनबल का दुरुपयोग किया, फिर भी वह छह सीटें हारी

भोपाल. विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस को नगरीय निकायों के उपचुनाव में झटका लगा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के विधानसभा क्षेत्र छिंदवाड़ा में ही पार्टी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा. भाजपा इस जीत से इतनी उत्साहित है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने पूरे प्रदेश में भाजपा की लहर बताई है.
नगर निगम छिंदवाड़ा के वार्ड 42 के उपचुनाव में भाजपा के संदीप सिंह चौहान ने कांग्रेस के राजेन्द्र स्वामी को 436 वोट से हरा दिया है. छिंदवाड़ा कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है. यहां से सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष व मेयर सभी कांग्रेस से हैं. भाजपा को जीत के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि छिंदवाड़ा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की गरीब कल्याण की योजनाओं के हितग्राहियों का गढ़ है. पार्षद उपचुनाव में कमल नाथ की अपील और सांसद नकुल नाथ सक्रियता के बाद भी सभी बूथों पर 62 प्रतिशत मत प्राप्त कर इतिहास बनाया है. यह मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की शुरुआत है. वहीं, गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि परिणाम बता रहा है कि भाजपा की जीत की शुरुआत छिंदवाड़ा से हुई है. यह शुभ संकेत हैं.

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भाजपा छिंदवाड़ा मेयर चुनाव समेत 7 विधानसभा सीट हारी
वर्ष 2018 में हुई विधानसभा में छिंदवाड़ा से भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया था. सातों सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. वहीं बीते साल हुए छिंदवाड़ा नगर निगम के चुनाव में भी भाजपा हार गई थी. कमलनाथ की वजह से प्रदेश में छिंदवाड़ा की अलग पहचान है. विधानसभा चुनाव में कमलनाथ ने छिंदवाड़ा मॉडल बता कर प्रदेश में चुनाव लड़ा था. विश्लेषक बताते हैं कि भाजपा के लिए यह जीत अहम इसलिए है क्योंकि वह अब प्रदेश में बता पाएगी कि कमलनाथ का गढ़ ढह गया है और छिंदवाड़ा मॉडल फ्लाप है. वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा को छिंदवाड़ा मॉडल की तुलना में बुधनी मॉडल को भुनाने का मौका मिल गया है.
वार्ड 42 पर लगातार बीजेपी का कब्जा, भाजपा के बागी के बाद भी कांग्रेस नहीं जीत पाई
छिंदवाड़ा के परिसीमन से पहले और बाद में वार्ड नंबर 42 पर भाजपा का ही कब्जा रहा है. लिहाजा, भाजपा हर हाल में जीतना चाहती थी और इसके लिए पूरी ताकत भी लगाई. गौरतलब है कि नगर निगम परिसीमन के बाद 2016 में भाजपा की अनिता दिनेश मालवी ने कांग्रेस की प्रीति सोनी को 285 वोट से हराया था. 2022 के चुनाव में कांग्रेस के जगदीश झांझोट के सामने भाजपा के दिनेश मालवी के अलावा भाजपा से बागी हुए पूर्व सभापति राजेश भोयर ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया था. भाजपा की गुटबाजी के बाद भी कांग्रेस जीत हासिल नहीं कर पाई थी. भाजपा से बगावत करने वाले राजेश भोयर जीत गए. बाद में भोयर बीजेपी में शामिल हो गए थे. उनकी मौत के बाद यहां उपचुनाव हुए हैं.

भाजपा को सात और कांग्रेस को 6 वार्डों में मिली जीत
13 में से सात वार्डों बीजेपी को जीत मिली है. जबकि,छह जगहों पर कांग्रेस को जीत मिली है. सागर से दो, सतना, मुरैना, दवाड़ा, शहडोल और नीमच के एक-एक वार्ड में भाजपा प्रत्याशी जीते हैं. कांग्रेस को भी छिंदवाड़ा के परासिया, सतना, धार, मंदसौर, देवास और बुरहानपुर में विजय मिली है. परासिया नगर पालिका के वार्ड छह से पार्टी प्रत्‍याशी पूजा मरकाम ने भाजपा की आशा करपे को पराजित किया.

Tags: Kamal nath, Madhya Pradesh Assembly Elections 2023, Madhya Pradsh News, MP News Today

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Author: Up Head Line

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