जिन राशियों में उच्च होते हैं गुरु बृहस्पति, वो हैं भाग्यवान, क्या आपकी भी चमकेगी किस्मत!

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ओम प्रयास/हरिद्वार. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रहों में गुरु बृहस्पति ग्रह सबसे शुभ और लाभदायक होते हैं. जिन जातकों की राशि में गुरु बृहस्पति उच्च स्थान में विराजमान होते हैं उन्हें सभी प्रकार के  सुख, धन दौलत, मान सम्मान, संपत्ति आदि प्राप्त होने की मान्यता है. कुंडली में देव गुरु बृहस्पति को मजबूत करने और शुभ करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में बहुत से उपाएं लिखे हुए.

गुरु बृहस्पति को मजबूत करने के उपाय व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि, वैभव, मान सम्मान और धन दौलत आदि सभी चीजें बढ़ जाती हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रहों में गुरु बृहस्पति सबसे उच्च और बड़ा ग्रह माना गया है, इसलिए बृहस्पति ग्रह को देवगुरु भी कहते हैं. संतान सुख, वैवाहिक जीवन सुखी, मान सम्मान और धन दौलत आदि के लिए देव गुरु बृहस्पति ग्रह का मजबूत होना सबसे जरूरी बताया जाता है.

गुरु बृहस्पति का मजबूत होना जरूरी
जिन जातकों की कुंडली में देव गुरु बृहस्पति उच्च स्थान में होते हैं, उन्हें हर प्रकार के सुख आदि सभी अच्छा फल देते हैं. वहीं यदि गुरु ग्रह कुंडली में कमजोर हो तो ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को मजबूत करने के बहुत से उपाएं भी बताए गए हैं. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु बृहस्पति कमजोर होता है उन्हें पेट संबंधी गंभीर बीमारियां होने का खतरा सदैव बना रहता है.

बृहस्पति सभी देवताओं के गुरु
सप्ताह में बृहस्पतिवार यानी गुरुवार का दिन देव गुरु बृहस्पति को समर्पित दिन है. देव गुरु बृहस्पति सभी देवताओं के गुरु हैं. यदि गुरु बृहस्पति उच्च स्थान में विराजमान हैं और अन्य किसी ग्रह की साढ़ेसाती चल रही है, तो गुरु बृहस्पति के उच्च होने से जातक पर किसी अन्य ग्रह की महादशा या कष्ट का प्रभाव नहीं होता.

सभी देवों के गुरु
ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शर्मा शास्त्री बताते हैं कि देव गुरु बृहस्पति सभी देवों के गुरु हैं. गुरु बृहस्पति का सभी 12 राशियों पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है. वह बताते हैं कि यदि जातक की कुंडली में गुरु बृहस्पति केंद्र में विद्यमान है और अन्य किसी ग्रह की साढ़ेसाती चल रही है तो जातक पर किसी अन्य ग्रह की साढ़ेसाती का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है.

अन्य ग्रह का असर नहीं
कहा जाता है कि जिसके केंद्र में गुरु बृहस्पति विराजमान होते हैं उस पर किसी अन्य ग्रह का असर नहीं होता. गुरु बृहस्पति विद्या, धन दौलत, मान सम्मान, वैभव आदि सभी चीजें प्रदान करने वाले हैं. वहीं उनका कहना है कि गुरु बृहस्पति के केंद्र में होने के कारण जातक में धर्म कर्म, पूजा पाठ आदि में ज्यादा रुचि रहती है. गुरु बृहस्पति का और अच्छा फल प्राप्त करना चाहते हैं तो उनके निमित्त पुखराज रत्न धारण करने से काफी लाभ होता है. पुखराज रत्न धारण करने से गुरु बृहस्पति की कृपा से व्यक्ति के धन दौलत के भंडार भर जाते हैं. वही गुरु बृहस्पति के निमित्त गुरुवार को पीले वस्त्र पहनने और पीले फल का सेवन आदि करने से भी जातकों को लाभ होता है.

(ज्यादा जानकारी के लिए आप पंडित श्रीधर शर्मा शास्त्री से इस नम्बर+91 9557125411,+91 9997509443 पर जानकारी कर सकते है.)

Tags: Jupiter, Life18, Local18, Zodiac Signs

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Author: Up Head Line

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