क्यों महेश भट्ट कहलाए ‘नाजायज औलाद’, किस बात का है मलाल, कौन हैं आलिया के दादा?

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नई दिल्ली. जाने-माने निर्माता और निर्देशक महेश भट्ट ने एक से एक बढ़कर ब्लॉकबस्टर, सुपरहिट फिल्में दीं. लेकिन, उनकी अपनी निजी जिंदगी ऐसी रही, जिसपर एक फिल्म बन जाए. उनका एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर तो दुनिया जानती हैं. लेकिन, क्या उनके पिता को आप जानते हैं? उनकी मां कौन थीं? क्यों अपनी मां को लेकर उन्हें हमेशा मलाल रहा. क्या आप जानते हैं कि उनका बचपन काफी मुश्किलों में गुजरा और उन्हें अक्सर ‘नाजायज बच्चे’ कहकर चिढ़ाया जाता था.

महेश भट्ट ने लाइफ में दो शादियां की. एक शादी से पूजा भट्ट और राहुल भट्ट हैं तो दूसरी शादी से आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट हैं. आपको जानकर हैरानी होगी महेश भट्ट के माता-पिता यानी आलिया के दादा-दादी ने तो शादी ही नहीं की थी. चलिए, बताते हैं पूरा किस्सा.

कौन हैं आलिया के दादा?
पोरबंदर काठियावाड़ गुजरात के रहने वाले महेश भट्ट के पिता नानाभाई भट्ट ब्राह्मण थे, जो कि काल्पनिक और पौराणिक फिल्मों को प्रोड्यूस किया करते थे. 1940 के दशक में नानाभाई ने 100 से ज्यादा स्टंट और धार्मिक फिल्मों का निर्माण किया और खूब नाम कमाया था.

बिना शादी के ही महेश-मुकेश का जन्म हुआ
नानाभाई भट्ट की शादी हेमलता भट्ट से हुई. इनके बेटे हैं रॉबिन भट्ट जो राइटर हैं. नानभाई का दिल एक्ट्रेस शिरीन मोहम्मद अली पर आया और दोनों बिना शादी के साथ रहने लगे. कहते हैं प्यार के खातिर अक्सर न जात देखी जाती है और न रंग. प्यार के रंग में रंगा शख्स सिर्फ प्रेम की भाषा को जानता है. दो बच्चे महेश भट्ट और मुकेश भट्ट हुए. लेकिन उसके बाद भी नाम महीं मिला. हेमलता की फैमिली ने नानाभाई-शीरीन के रिश्ते के लिए राजी नहीं हुए तो उन्होंने भी शादी नहीं की. नानाभाई और शिरीन की वजह से महेश भट्ट को ‘नाजायज औलाद’ भी कहा जा चुका है.

इस बात का आजतक है मलाल
अरबाज खान के चैट शो में महेश भट्ट ने खुद ही दर्द बयां कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें कभी पिता का प्यार नसीब नहीं हुआ. पारिवारिक क्लेश की वजह से नानाभाई दो फैमिली के बीच बंट कर रह गए थे. महेश को उनकी मां शीरीन ने ही पाला. महेश को इस बात का भी मलाल है कि उनकी मां को सामाजिक स्वीकृति नहीं मिली और साल 1998 में उनकी मां का देहांत हो गया था.

मां की मौत के बाद जब पहुंचे थे पिता नानाभाई भट्ट
बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि शादी नहीं हुई और पिता ने भी समाज के सामने कभी नहीं स्वीकारा. मां का देहांत हुआ, तो उनकी आखिरी इच्छा हिंदू परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार की नहीं बल्कि दफन करने की थी. मां के अंतिम संस्कार के लिए उनके पिता नानाभाई भट्ट यहां पहुंचे और उन्होंने पहली बार उनकी मांग में सिंदूर लगाया था. यह देखकर महेश भट्ट हैरान हो गए थे. उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है कि जब वह मर गई और मेरे पिता अपनी पत्नी के साथ आए, उस समय उन्होंने उसकी मांग में सिंदूर लगाया और मैंने कहा, ‘टू लिटिल टू लेट’. इसने मुझे तोड़ दिया. वह हमेशा सार्वजनिक रूप से उसे स्वीकार करते हुए उसकी एक तस्वीर चाहती थी.’

क्या थी महेश भट्ट की मां की आखिरी इच्छा
जब महेश ने अपने पिता को अपनी मां की अंतिम इच्छा के बारे में बताया तो उनके पिता ने शिया कब्रिस्तान में साथ आने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, ‘मैंने उससे कहा कि उसने मुझसे कहा कि वह चाहती है कि उसे वहीं दफनाया जाए जहां उसकी मां को शिया कब्रिस्तान में दफनाया गया है’. ये जैसे ही पिता जी ने सुना तो उसका चेहरा सफेद पड़ गया और उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, ‘मुझे माफ कर दे बेटा, मेरा मजहब मुझे वहां जाने की इजाजत नहीं देता’. इतना सुनते ही एक बार फिर मेरा दिल टूट गया और तब उन्होंने अपने पिता से कहा, ‘मैं तो बेटा हूं, मुझे तो जाना पड़ेगा.’

महेश भट्ट ने भी की हैं दो शादियां
महेश की भी कई एक्ट्रेस से अफेयर की बातें सामने आती रही हैं. ब्रिटिश लॉरेन ब्राइट से पहली शादी की. शादी के बाद उनका नाम किरण रख दिया. किरण से शादी के दौरान ही परवीन बाबी के साथ लिव इन रिलेशन में रहने लगे थे. हालांकि, परवीन की बीमारी का पता चला तो फिर वापस किरण के पास लौट आए. किरण और महेश का रिश्ता फिर रास्ते पर नहीं आया और दोनों अलग हो गए. इसके बाद महेश की लाइफ में सोनी राजदान आईं, दोनों ने शादी की और आलिया भट्ट, शाहीन भट्ट दो बेटियों के माता-पिता बने.

Tags: Alia Bhatt, Entertainment Special, Mahesh bhatt

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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