
सिद्धांत राज/मुंगेर. अनिल कुमार राम मुंगेर में अब किसी पहचान के मोहताज नहीं है. अनिल पर्यावरण संरक्षण और इसके प्रति जागरूकता लाने के क्षेत्र में बड़ी मिसाल बन चुके हैं. बता दें कि अनिल कुमार राम अब तक 2500 से अधिक पेड़ लगा चुके हैं. साथ ही उन सभी पेड़ों को हरा-भरा और सुरक्षित रखने के लिए रोजाना पानी भी डालते हैं. साथ ही निजी खर्च से पौधों की घेराबंदी भी करते हैं. अनिल मुंगेर के डीईओ कार्यालय से चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं. रिटायर्ड होने के बाद अनिल अपना जीवन पौधे लगाने और उसकी सुरक्षा करने को लेकर समर्पित कर दिया है. पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम भी लगातार कर रहे हैं.
तेज धूप और भीषण गर्मी में जब लोग अपने घरों में दुबके रहते हैं, पर अनिल इसकी परवाह किए बगैर 43 से 44 डिग्री तापमान के बावजूद अपनी साइकिल पर पानी का डब्बा और कुदाल लेकर पेड़ों की देखभाल करने के लिए निकल पड़ते हैं. मुंगेर जिला मुख्यालय के किला परिसर से लेकर डीजे कॉलेज रोड की गुमटी नंबर पांच तक पेड़ों की हरियाली का नजारा सिर्फ अनिल कुमार राम की मेहनत की वजह से दिखती है. अनिल मूलतः मुंगेर के कृष्णापुरी मोहल्ले के रहनेवाले हैं, जो अब शिक्षा विभाग के चतुर्थी वर्गीय कर्मचारी पद से रिटायर्ड हो चुके हैं.
अनिल कुमार राम ने बताया कि पौधे लगाने का जुनून 1997 से आरंभ हुआ है जो अनवरत जारी है. वे बताते हैं कि एक बार किसी काम के सिलसिले में वे अपने घर से लगभग 20 किलोमीटर दूर बरियारपुर गए थे और वहां बटुआ चोरी हो गई. उनके पास घर लौटने का किराया भी नहीं बचा. तब वे चिलचिलाती धूप और जेठ की दुपहरी में पैदल ही मुंगेर के लिए निकल पड़े. पैदल चलते-चलते जब छांव की जरूरत महसूस हुई तो सड़क किनारे एक भी पेड़ नहीं मिला. तब से जीवन का मकसद पौधे लगाना ही बना लिया. वे अब तक 2500 पेड़ उगा चुके हैं, जिनकी छाया सड़क पर चलने वाले लोगों को मिल रही है. साथ ही पर्यावरण को संतुलित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान भी निभा रहे हैं. इस नेक कार्य के लिए अनिल कुमार राम को प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम और कई सामाजिक संस्थाओं ने सम्मानित करते हुए उन्हें पर्यावरण मित्र का दर्जा दिया है.
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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 14:19 IST









