
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा में ऐसे चुनिंदा महान कलाकार हुए, जिन्होंने हर किरदार को ऐसी खूबसूरती से निभाया कि वह किरदार ही उनकी पहचान बन गया. उन एक्टर्स में से एक थे राजेंद्र नाथ (Rajendra Nath). करियर की पहली फिल्म भी उन्हें काफी संघर्ष के बाद मिली थी, जबकि खुद के भाई इंडस्ट्री में के जाने माने एक्टर थे. वैस तो राजेंद्र के पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बने. लेकिन बड़े भाई को फिल्मों में देखते हुए उनका रुझान भी फिल्मी दुनिया में रहा और वह एक्टर बन गए.
60-70 के दशक में राजेंद्र नाथ तकरीबन हर फिल्म में सपोर्टिंग रोल में नजर आते थे. अपनी जबरदस्त कॉमेडी से दर्शकों के दिलों में अपनी खास पहचान बनाई थी. आपने उन्हें ज्यादातर फिल्मों में हीरो के दोस्त के रूप में ही देखा होगा. राजेंद्र के पिता चाहते थे कि उनका बेटा डॉक्टर बने लेकिन पढ़ाई में वह कुछ ज्यादा होशियार नहीं थे जिससे उन्हें लगा था कि वह एक्टिंग में ही ज्यादा अच्छा करियर बना पाएंगे. राजेंद्र के बड़े भाई प्रेमनाथ भी एक्टिंग की दुनिया का बड़ा नाम थे. राजेंद्र ने भी एक्टिंग की दुनिया में खूब सफलता हासिल की लेकिन दोस्तों की बात मानकर एक ऐसी गलती की उनकी बना बनाया करियर एक झटके में बर्बाद हो गया था.
कड़े संघर्ष के बाद मिली पहली फिल्म
कई महीनों के संघर्ष के बाद राजेंद्र नाथ फिल्मों में तो आए लेकिन इनकी शुरुआती कुछ खास नहीं रही बड़ी मुश्किल से फिल्मों में काम मिला और शुरुआती फिल्में फ्लॉप रहीं. फिर राजेंद्र नाथ ने साल 1961 में आई फिल्म ‘जब-जब फूल खिले’ में पोपटलाल का किरदार निभाया था. इस किरदार से उन्हें पहचान मिलना शुरू हुई थी. राजेंद्र नाथ की जगह वह पोपट लाल के नाम से पहचाने जाने लगे थे. अपने एक्टिंग करियर उन्होंने 1998 तक तकरीबन 253 फिल्मों में काम किया. कॉमेडी के अलावा इन्होंने फिल्म मेकिंग में भी हाथ आजमाया, लेकिन पहली ही फिल्म ने उन्हें बड़े कर्जे में डूबा दिया।
एक गलती ने बर्बाद कर दिया था करियर
राजेंद्र ने एक के बाद एक कई बड़ी हिट फिल्मों में काम किया और उनकी पॉपुलैरिटी भी हीरो जितनी होने लगी.अपने करियर में वह उस दौरान हर बड़े हीरो के साथ फिल्म में नजर आते थे. लेकिन एक गलती ने उनका बना बनाया करियर तबाह कर दिया. किसी दोस्त के कहने पर उन्होंने कॉमेडी के अलावा फिल्म मेकिंग का फैसला किया. ये फैसला उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई. पहली ही फिल्म ने उन्हें इस कदर कर्जे में डूबा दिया कि वो बर्बाद हो गए थे. वो फिल्म थी ‘द गेट क्रेशर’. सिकंदर खन्ना को इस फिल्म के लिए बड़ी फीस देकर डायरेक्टर बनाया गया था और ना ही राजेंद्र को फिल्म मेकिंग में उन्हें कोई अनुभव था. इस फिल्म को बनाने के लिए उन्होंने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था.
बता दें कि ‘दिल देके देखो’, ‘प्यार का मौसम’, ‘एक बार कहो’ ये राजेंद्र नाथ की यादगार फिल्में हैं. उन्होंने अपने एक्टिंग करियर में काफी शानदार काम किया. लेकिन राजेंद्र नाथ का 76 साल की उम्र में 13 फरवरी 2008 को दिल का दौरा पड़ने के चलते निधन हो गया. कुछ इस तरह सबको हंसाने वाला इंडस्ट्री का ये चमकता सितारा हमेशा लिए इस दुनिया से दूर हो गया.
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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 08:00 IST









