
संतोष कुमार गुप्ता/छपरा. सारण के सोनपुर से अगवा ऋतिक को पुलिस ने बरामद तो कर लिया, लेकिन उसकी बरामदगी के बाद जो कहानी सामने आई है वह चौंकाने वाली है. ऋतिक का अपहरण नहीं हुआ बल्कि वह खुद ही अपने अपहरण का सूत्रधार बना और अपने प्रतिद्वंद्वियों और दुश्मनों को परेशान करने के लिए खुद के अपहरण का स्वांग रचा. इस कहानी में परिजनों से भी फिरौती के नाम पर 5 लाख वसूलने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के जरिए इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया और ऋतिक को सकुशल बरामद किया.
परिजनों ने अपहरण को लेकर 6 के विरूद्ध दर्ज कराई थी प्राथमिकी
कहानी कुछ इस तरह से है कि विगत 5 जून को सोनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बबुरबानी निवासी ऋतिक कुमार का कुछ लोगों के द्वारा अपहरण करने की घटना सामने आई. इस संबंध में ऋतिक के परिजन के आवेदन के आधार पर 6 नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध सोनपुर थाना में 5 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई. इसके बाद पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया.
वहीं इस घटना के उद्भेदन एवं अपहृत की सकुशल बरामदगी के लिए एक एसआईटी का भी गठन किया गया और अनुसंधान प्रारंभ किया गया. गठित विशेष टीम द्वारा सफल उद्भेदन करते हुए अपहृत ऋतिक कुमार को पश्चिम बंगाल के आसनसोल से सकुशल बरामद के लिया. जब उससे एसआईटी की टीम ने कड़ाई से पूछताछ की तो सारा राज उगल दिया.
फर्जी अपहरण की साजिश रचने को लेकर दर्ज होगी प्राथमिकी
बता दें कि अपहृत व्यक्ति ऋतिक पूर्व में दरियापुर थाना दर्ज मामलों में जेल से जमानत पर छूट कर आया था तथा इस कांड के वादी एवं उनके परिजनों को अपहरण के केस में फंसाने एवं भय में डालकर पांच लाख रूपए वसूलने के उद्देश्य से ऋतिकने खुद अपहरण का सुनियोजित साजिश रचा.
सोनपुर के एसपी अंजनी कुमार ने बताया कि इस संबध में फर्जी अपहरण की साजिश रच कर किसी निर्दोष को फंसाने एवं भय में डालकर अपने परिजनों से रूपए वसूलने के आरोप में अलग से प्राथमिकी दर्ज कर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है. जिसमें ऋतिक को जेल भेजा जाएगा.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 15:46 IST








