सुशील शर्मा /महेंद्रगढ़. पंछियों की चहचाहट कम होती जा रही है. कभी वक्त था कि सुबह पक्षियों की चहचाहट के साथ होती थी.पेड़,पौधों के अलावा हमारे घर पर भी इन बेज़ुबान पक्षियों का डेरा होता था. हर घर में पक्षियों का डेरा हुआ करता था. घरों में जहां इन्हें जगह मिलती थी अपना घोंसला बना लेते थे. तेजी से वक्त बदला और आधुनिकता की दौड़ में इंसान ने प्रकृति को ऐसी चोट पहुंचाई है कि इंसानों का खुद का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है. ऐसे में पशु-पक्षियों की स्थिति का अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है अंधाधुन जंगलों की कटाई,शहरीकरण और प्रदूषण की मार से कई पक्षियों की प्रजातियां या तो लुप्त हो गई हैं या लुप्त होने की कगार पर हैं.
तभी भोर में पंछियों की चहचाहट कम सुनाई देती है. बड़े शहरों में ही नहीं गांवों में भी यही हाल है . इनके प्राकृतिक आशियानों पर जब से कुल्हाड़ी चलने लगी है तब से रहने,खाने के कारण पक्षियों की संख्या भी कम हो गई है. लेकिन कुछ समाजसेवी हैं जो अपने स्तर पर बीड़ा उठाए हुए हैं कि वो इन बेज़ुबानों के मददगार बनेंगे. इन्हीं में एक हैं बाबा जयराम दास मंदिर कमेटी जो पक्षियों के लिए कई-कई फीट ऊंचे टावर बनवा रही है. इनमें हज़ारों पक्षियों के रहने का बंदोबस्त कर रही है.
गुजरात के सिद्धपुर से मंगवाई गई है निर्माण सामग्री
महेंद्रगढ़ के बाबा जयराम दास धाम पाली में हरियाणा का सबसे ऊंचा पक्षी घर बनाया गया है. 15 लाख रुपए की लागत से बने इस पक्षी घर की ऊंचाई 73 फीट है. गुजरात के कारीगरों ने इसे केवल 38 दिनों में बनाया और इसमें जो सामग्री लगी है वह भी सिद्धपुर से मंगवाई गई है. करीब तीन हज़ार पक्षी इस पक्षी टॉवर में आश्रय ले सकेंगे.
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25 और पक्षी घर बनाने का है लक्ष्य
गौरतलब है कि बाबा जयराम दास धाम पाली में आश्रम और ग्रामीणों के सहयोग से, पक्षियों के संरक्षण के लिए बना ये पहला पक्षी घर है. जो इस क्षेत्र सहित प्रदेशभर में चर्चा का विषय भी बना हुआ है. बाबा जयराम दास धाम पाली आश्रम के संचालकों का कहना है कि जल्द ही जिले में ऐसे और पक्षी घर बनाए जाएंगे. फिलहाल ऐसे 25 पक्षी घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
तापमान पर दिया गया है विशेष ध्यान
पक्षी घर के संयोजन का काम देख रहे कैलाश पाली का कहना है कि यह पक्षी घर भारत का सबसे ऊंचा पक्षी घर है और पूरे इलाके के लिए एक गर्व का विषय है. जिसमें सबसे नीचे चिड़िया जैसे छोटे पक्षियों के लिए घोंसले बनाए गए हैं. ऊपर की 7 मंजिलों में कबूतर, कोयल, कौवे, गुरसल, तोता, मोडी, कटफोड़ा जैसे पक्षी अपना आशियाना बनाएंगे. इस पक्षी घर में जो घोंसले बने हैं उनके तापमान का भी ख़ास ख्याल रखा गया है. पक्षियों के लिए दाने पानी की उपयुक्त व्यवस्था की गई है.
टावर निर्माण में लोगों ने किया आर्थिक सहयोग
बाबा जयराम दास मंदिर कमेटी के सहयोग के अलावा विजय कुमार नांगलिया, नलिनि नांगलिया, सज्जन कुमार शर्मा, आनंद प्रकाश शर्मा, रोहतास अग्रवाल और आचार्य कमलकांत ने पक्षी टॉवर बनाने में आर्थिक रूप से मदद की है . इसके अलावा चंदा एकत्रित करके निर्माण कार्य पूरा किया गया है .
विलुप्त हो रही है पक्षियों की प्रजातियां
रोटरी क्लब के प्रधान मुकेश मेहता ने बताया कि पक्षियों को बचाने का ये एक सराहनीय कदम है . घटते वन क्षेत्र की वजह से पक्षियों की प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं. जो प्रजातियां बची हुई है उनको बचाने के लिए ऐसे पक्षी घरों की बहुत आवश्यकता है
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 16:03 IST








