
सौरभ वर्मा/रायबरेली. कहते हैं अगर दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो बड़ी से बड़ी मुसीबत तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती. ऐसा ही कुछ कर दिखाया रायबरेली जिले के महाराजगंज तहसील अंतर्गत पड़ने वाले कुसमहूरा गांव के अनवर अली ने जिनके बारे में जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे कि आखिर इन्होंने यह सब कैसे कर दिखाया. अनवर बचपन से ही दिव्यांग हैं लेकिन फिर भी उन्होंने अपनी दिव्यांगता को अपनी सफलता में रोड़ा नहीं बनने दिया अनवर ने कुछ ऐसा किया कि लोग आज उनकी प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं.
अनवर बचपन से ही दिव्यांग है साथ ही बहुत ही गरीब परिवार से थे. इसलिए वह ज्यादा पढ़ाई लिखाई नहीं कर सके. जिससे उन्हें सरकारी नौकरी तो नहीं मिली. लेकिन उन्होंने कुछ ऐसा किया कि आज वह दूसरों को रोजगार दे रहे हैं. अनवर लगभग 1 एकड़ में अपना मुर्गी फार्म संचालित कर रहे हैं. जिससे वह महीने में 40 से 50 हजार रूपए की कमाई कर लेते हैं. जिससे उनके परिवार का भरण पोषण के साथ ही कई लोगों को गांव में ही रोजगार मिल जा रहा है. इसी वजह से उन लोगों को नौकरी की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ता.
तन से दिव्यांग-हौसलों से भर रहे उड़ान
अनवर दिव्यांग होने के बावजूद मुर्गी फार्म का सारा काम अपनी ही देखरेख में करवाते हैं. स्वयं भी इस कार्य में लगे रहते हैं. साथ ही वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी फैन है. वह बताते हैं कि उनके ही द्वारा हम दिव्यांगों को एक नई पहचान मिली है नहीं पहले लोग हमें बड़ी हीन दृष्टि से देखते थे. लेकिन अब हम लोगों को भी समाज में बराबर का सम्मान मिल रहा है.
कम लागत में कमा रहे अच्छा मुनाफा
न्यूज 18 से बात करते हुए अनवर अली ने बताया कि वह बचपन से ही दिव्यांग है. साथ ही उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सही ना होने के चलते वह ज्यादा पढ़ाई लिखाई नहीं कर सके. लेकिन उन्होंने अपनी दिव्यांगता को अपनी सफलता में रोड़ा नहीं बनने दिया और कुछ ऐसा करने की ठानी जिससे उनके द्वारा कई लोगों को भी रोजगार दिया जा सके. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मुर्गी फार्म खोला और कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. साथ ही कई लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं. जिससे उन लोगों को नौकरी की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ता है.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 17:50 IST








