
राहुल दवे/इंदौर: अक्सर ऐसा देखने-सुनने को मिलता है कि इंसान बहुत स्वार्थी हो गया है और सिर्फ अपने लिए जीता है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके दिल में आज भी इंसान ही नहीं बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी अपार प्यार है. उन्हीं लोगों में से एक युवक हैं शेखर गर्ग, जो तकरीबन 35 वर्षों से पक्षियों का पेट ही नहीं भर रहे, बल्कि इन पक्षियों के साथ गुफ्तगू भी करते हैं. तभी तो इनकी एक सीटी पर 150 से 200 पक्षी घेर लेते हैं.
शेखर गर्ग को इंदौर के बर्ड मैन के नाम से जाना जाता है, जो मालवा मिल क्षेत्र में रहते हैं. शेखर पेशे से स्क्रैप के व्यापारी हैं. इन्होंने व्यापार के दौरान अपने शौक से किसी तरह का कोई कंप्रोमाइज नहीं किया. यहीं कारण है कि एक तरफ स्क्रैप की दुकान है और दूसरी तरफ उनका शौक. उनके पास 150 से 200 कबूतर रहते हैं, जहां इन पक्षियों के लिए रहने खाने के साथ समय-समय पर इनके हेल्थ चेकप भी करवाते हैं. शेखर को बचपन से ही पक्षियों से काफी प्रेम था.
2 से की शुरुआत आज 200 कबूतर
10 वर्ष की आयु में दो कबूतर खरीद कर लाए, उनकी देखभाल की. आज करीब उनके पास 150 से 200 कबूतर हैं, जिनके आशियाने का प्रबंध उन्होंने अपने स्क्रैप की दुकान के पास ही किया है. सुबह 2 घंटे तो वहीं शाम को 2 घंटे उन पक्षियों को बाहर खुले में छोड़ते हैं. जहां दाने पानी की व्यवस्था भी रहती है. यह काम शेखर कई सालों से कर रहे हैं. यहीं कारण है कि पक्षी भी उनकी एक आवाज पर यानी वह सिटी बजाते हैं तो अपने आशियाने से निकल उन्हें घेर लेते हैं.
प्यार करोगे तो पक्षी आपकी भी सुनेंगे
कुछ उनके ऊपर बैठ जाते हैं, तो कुछ उनके हाथों से दाना चुगते हुऐ उनसे बातें भी करते हैं. सुनने में जरूर अजीब है, लेकिन यह हकीकत है. इन्हें बर्ड मैन कहा जाए तो भी कोई गलत नहीं होगा. वह बताते हैं कि प्राणी एक ही भाषा जानते हैं वह है सिर्फ और सिर्फ प्यार की है. आज मैं प्यार करता हूं तो यह मेरी एक सीटी पर बाहर निकल आते हैं. मुझे घेर लेते हैं, मुझसे बातें करते हैं. मैं इन्हें अपने घर जाने को कहता हूं तो यह समझ जाते हैं. वह बताते हैं कि इन पक्षियों को मैं प्यार करता हूं आप करोगे तो ये आपकी भी सुनेंगे.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 21:19 IST








