गोपालगंज में ‘ऑपरेशन दलाल’ के तहत सदर अस्पताल से पकड़े गए सात दलाल, खून की जांच के नाम पर करते थे वसूली

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गोविंद कुमार/गोपालगंज. मॉडल सदर अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने ‘ऑपरेशन दलाल’ के तहत छापेमारी अभियान चलाया. छापेमारी में सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सात दलालों को पकड़ा गया. पकड़े गये दलाल ब्लड जांच के नाम पर मरीजों से एक-एक हजार रुपए की अवैध वसूली करते थे. इसका खुलासा तब हुआ जब जादोपुर थाने के भुवाली टोला निवासी रमेश यादव को इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था.

शुक्रवार की सुबह में डॉक्टर ने ब्लड जांच लिखी, जिसके बाद तुरंत दलाल पहुंच गया और मरीज का ब्लड सैंपल लेकर एक हजार रुपये वसूल लिया. परिजनों ने सदर अस्पताल में ही जांच की व्यवस्था होने और जांच कराने की बात कही, जिसपर कर्मियों और डॉक्टर ने नाराजगी जतायी, जिसके बाद परिजनों का हंगामा शुरू हो गया.

मरीज से ब्लड सैंपल के नाम पर दलाल वसूल रहे थे एक हजार रुपए
साहपुर हाता टोला निवासी सुनैना देवी और उनके पति को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था. महिला का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर के कहने पर ब्लड का सैंपल लिया गया और फिर एक हजार रुपए जांच के नाम पर ले ली गयी. पैसा नहीं देने पर इलाज नहीं होने की बात कही गयी.

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स्वास्थ्य प्रबंधक के पहुंचने पर महिला ने अस्पताल में सक्रिय दलालों की पोल खोल कर रख दी, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. शशि रंजन प्रसाद और स्वास्थ्य प्रबंधक जान मोहम्मद ने इस कार्रवाई के बाद पकड़े गए सात दलालों के पास से मरीजों के पैसे वापस कराए. मामले में सभी दलालों को पुलिस के पास कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया.

डॉक्टर और कर्मियों की भूमिका की हो जांच
हंगामा कर रहे मरीज के परिजनों ने कहा कि डॉक्टर और कर्मियों के भूमिका की जांच होनी चाहिए. ब्लड जांच की सुविधा अस्पताल में नि:शुल्क है, तो मरीज पर दबाव देकर बाहर से लैब जांच के कर्मियों को क्यों इमरजेंसी वार्ड में बुलाया जाता है. अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन इसपर कार्रवाई क्यों नहीं करता. पूरे मामले में स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के पास मरीज के परिजनों ने मेल कर शिकायत करते हुए जांच कराने की मांग की है.

वहीं स्वास्थ्य प्रबंधक जान मोहम्मद से जब इस पूरे मामले में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिनके द्वारा इमरजेंसी वार्ड में घुसकर मरीजों से ब्लड जांच कराने के नाम पर अवैध वसूली की गयी है, उन्हें चिन्हित किया गया है और एफआइआर भी दर्ज करायी जाएगी, लेकिन कब तक कार्रवाई होगी, इसके बारे में स्वास्थ्य प्रबंधक ने कुछ भी नहीं बताया.

Tags: Bihar News, Gopalganj news, Local18

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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