
जितेंद्र झा/लखीसराय : खाने-पीने की चीजें अमूमन सभी शहरों में आसानी से उपलब्ध हो जाता है. लेकिन लोग जो स्वाद ढूंढते हैं वह सभी फूड स्टॉल पर नहीं मिल पाता है. प्रत्येक शहर में कुछ खास दुकान होते हैं जो जायकेदार डिश परोसकर लोगों को दीवाना बना देते हैं.
इसमें फूड स्टॉल के कारीगर की हाथ की कारीगरी डिश को खास बना देता हैं. लखीसराय में भी कमोवेश यही स्थिति है. लखीसराय में मीठा और नमकीन डिश के दर्जनों स्टॉल है. इसके बावजूद लोगों को जब इमरती, कटलेट या फिर लिट्टी खाना होता है तो शहर के बड़ी दुर्गा मंदिर स्थित पवन प्रसाद के दुर्गा नाश्ता भंडार पर हीं पहुंचते हैं. यहां से गुजरने वाले लोग पवन प्रसाद की दुकान पर खींचे चले आते हैं और इमरती का स्वाद लेकर हीं जाते हैं. उड़द दाल की मिश्रण से तैयार की गई अच्छी गुणवत्ता वाली इमरती यहां के लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है.
20 वर्षो से लखीसराय में चला रहे हैं नाश्ते की दुकान
स्टॉल दुर्गा नाश्ता भंडार के संचालक पवन प्रसाद ने बताया कि पिछले 20 वर्षो से दुकान चला रहे हैं. उन्होंने बताया कि यहां इमरती के साथ कटलेट और लिट्टी भी लोगों को परोसा जाता है, लेकिन यहां की इमरती का कोई जवाब नहीं है.
दुकानदार पवन जी का कहना है की उनके पास से 400 इमरती के लगभग में रोज सेल हो जाती है वो उड़द दाल को अपने से ग्राइंड कर तैयार करते हैं हैं, उसके बाद उसको पानी में फूलने देते हैं. कुछ देर बाद हाथ से मथते हैं, क्योंकि उड़द दाल अपने आप में मशाला है. इसलिए इसमें कोई और मसाला नहीं मिलाते हैं.
वहीं लिट्टी बनाने में मूंग दाल और मैदा का प्रयोग करते हैं और उसमें आदी व मीर्च के साथ मेथी पत्ता डालकर लिट्टी बनाते हैं. इसके अलावा कटलेट बनाने के लिए कोलकाता से स्पेशल ब्रेड का बिस्किट मंगवाया जाता है. जो कटलेट में मिलाने पर और स्वादिष्ट लगता है. उसमें चुकंदर और गाजर को भूनने के साथ मेथी पत्ता, बादाम, ब्रेड चूर्ण को मिक्स कर कटलेट बनाते हैं. जो खाने में बेहद लाजबाब लगाता है.
तीन फूड आइटम बेचकर पवन प्रसाद रोजाना कमा रहे हैं 7 हजार
पवन प्रसाद ने बताया कि रोजाना 400 इमरती के साथ औसतन 200 पीस लिट्टी और से 300 पीस कटलेट की बिक्री हो जाती है. इलाके के लोगों में भी यहां के स्वाद को लेकर काफी दिलचस्पी है. यही वजह है लखीसराय के अलावा दूर-दराज के लोग भी इमरती, लिट्टी और कटलेट खाने के लिए पहुंचते हैं. पवन प्रसाद ने बताया कि लगभग 6 से 7 हजार प्रति दिन की आमदनी हो जाती है.
वहीं ग्राहक पवन मंडल ने इमरती की तारीफ में कहते हैं कि यहां पर मिलने वाली इमरती का कोई जोर नहीं है. उन्होंने बताया कि 30 किलोमीटर दूर हलसी प्रखंड से यहां इमरती खाने आए हैं. खुद तो इमरती खाया हीं अब घरवालों के लिए भी लेकर जाऐंगे. एक अन्य ग्राहक मेवालान ने बताया कि दैनिक मजदूरी जिला मुख्यालय में करते हैं और दोपहर के समय में लिट्टी और कटलेट खाने जरूर पहुंच जाते हैं, क्योंकि यहां की लिट्टी और कटलेट का आकार इतना बड़ा होता है की दो लिट्टी और कटलेट खा लेने के बाद पेट भर जाता है. लखीसराय जंक्शन से दुर्गा नाश्ता भंडार की दूरी महज 500 मीटर है. जहां रोज लोग इमरती, कटलेट और लिट्टी खाने आते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 09, 2023, 20:11 IST








