स्क्रीन टाइम कम करके ठीक रख सकते हैं मानसिक स्वास्थ्य, छात्रों पर मोबाइल डाल रहा है हानिकारक प्रभाव

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विशाल झा/गाजियाबाद : समर वेकेशन में बच्चे अपना अधिकतर समय मोबाइल या लैपटॉप पर बिताते हैं. जिसके कारण उनके अंदर चिड़चिड़ापन यह कई बार आंखों में कमजोरी जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती है.इस समर वेकेशन में अपने बच्चों की कैसे अच्छी देखभाल करें इसके लिए ही इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ट्रांस हिंडन गाजियाबाद ब्रांच और स्पर्श सोसाइटी के द्वारा बाल रोग विशेषज्ञ और शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. इस कार्यशाला में बच्चों के लिए संतुलित आहार, बच्चों की क्रिएटिव एक्टिविटी, स्क्रीन टाइम का उचित उपयोग, उचित नींद, मानसिक स्वास्थ्य हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाने पर चर्चा की गई.

कार्यशाला में शामिल डॉ. वर्षा भार्गव ने न्यूज 18 लोकल को बताया कि ये बहुत अच्छी पहल है जिसमें बच्चों के लिए ये बताया गया है कि क्या बच्चों को खाने में देना है, क्या नहीं देना है. बच्चों के डेली रूटीन में बदलाव करने के बारे में सिखाया गया.जो अभिभावकों के लिए बहुत उपयोगी है.वही डॉक्टर सचिन भार्गव ने बताया की मोबाइल स्क्रीन आंखों के बहुत पास होती है. इसका इस्तेमाल 2 घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए. इसलिए इसे लिमिट करने पर ध्यान देना चाहिए.

अभिभावकों के लिए सुझाव
• बच्चों को ज्यादा गेम न खेलने दे. क्योंकि वो अपनी आभासी पहचान बनाने लगते है. जो उनकी पर्सनालिटी पर काफी बुरा असर डालता है.

• ज्यादा स्क्रीन टाइम देने से बच्चों की न केवल आंखें खराब होती है बल्कि उनका मन भी चिड़चिड़ा हो जाता है.

• कोशिश करें कि बच्चों को प्रकृति के बीच लेकर जाए. ज्यादा से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करवाएं और आउटडोर गेम्स में उनको शामिल करें.

• बच्चों की नींद का पूरा ध्यान रखे. वेकेशन में अगले दिन स्कूल जाने की चिंता नहीं होती ऐसे में बच्चें देर तक जगते है.

• परिवार में इस दौरान अच्छा माहौल रखे ताकि बच्चें पर उसका सकारात्मक असर पड़े.

Tags: Ghaziabad News, Local18, Uttar Pradesh News Hindi

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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