
रिपोर्टः आशीष जैन
दमोह. दमोह का गंगा-जमुना स्कूल इन दिनों धर्मांतरण और इस्लामी शिक्षा के आरोपों के बाद विवाद में बना हुआ है. मामले की जांच पड़ताल की जा रही है. स्कूल संचालकों के दूसरे धंधों पर भी सरकार की नजर टेढ़ी हो गई है. गंगा जमुना दाल मिल पर स्टेट जीएसटी, सेल टैक्स डिपार्टमेंट और खाद्य विभाग समेत अन्य विभाग की संयुक्त टीम ने आज छापा मारा.
दमोह के फुटेरा वार्ड स्थित गंगा जमुना दाल मिल पर बड़ी छापामार कार्रवाई की गई है. यह दाल मिल विवाद में घिरे गंगा जमुना स्कूल के संचालकों की बताई जा रही है. दाल मिल पर स्टेट जीएसटी, सेल टैक्स डिपार्टमेंट, खाद्य विभाग, श्रम विभाग, कृषि विभाग समेत जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की है. जीएसटी और सेल टैक्स विभाग को टैक्स चोरी की शिकायत मिली थी. इस वजह से छापामार कार्रवाई की गई है.
गंगा-जमुना दाल मिल पर कई विभागों की संयुक्त टीम ने मारा छापा
जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर सागर उमेश त्रिपाठी के मुताबिक जीएसटी और सेल टैक्स विभाग को शिकायत मिली थी कि गंगा जमुना दाल मिल में टैक्स चोरी समेत अन्य गड़बड़ियां की जा रही हैं. इस पर कार्रवाई की जा रही है, साथ ही संबंधित विभाग भी जांच कर रहे हैं. छापे की शुरुआत के वक्त गंगा-जमुना संस्थान का कोई भी मालिक नहीं मिला. बावजूद इसके प्रशासन की देखरेख में छापा जारी है. बताया जा रहा है कि मिल में एक्सपोर्ट क्वालिटी की दालें होती हैं, ये दालें सऊदी अरब सहित कई मुस्लिम देशों में भेजी जाती हैं.
विवाद के बाद स्कूल संचालकों पर सरकार की पैनी नजर
बीते दिनों इस स्कूल की छात्राओं का हिजाब पहने हुए पोस्टर वायरल हुआ था. उसके बाद मामले की शिकायत की गई थी. जांच में सामने आया कि स्कूल में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियां कराई जा रही हैं. यहां शिक्षक और शिक्षिकाओं के धर्मांतरण कर हिंदू से मुसलमान बनने की बात भी सामने आई थी. स्कूल की मान्यता निरस्त कर दी गई है. प्रदेश बाल संरक्षण और अधिकार आयोग ने मामले की जांच कर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को रिपोर्ट सौंपी है. अब स्कूल संचालकों के दूसरे व्यापार की भी जांच पड़ताल की जा रही है.
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FIRST PUBLISHED : June 09, 2023, 19:54 IST








