
नरेश पारीक/ चूरू. प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शुमार चूरू में आसमान से बरसती आग के बीच लोग ठंडे पेय पर्दाथों का सहारा ले भीषण गर्मी से बचने की जद्दोजहद करते हुए नजर आ जाएंगे. शहर के चौक, चौराहों पर ऐसे तो अनेकों ठेलो पर आपको रबड़ी फूल और फालूदा और बर्फ का गोला बनाते लोग दिख जाएंगे. लेकिन, शहर के मुख्य बाजार में सफेद घन्टाघर पर लगने वाले महेश प्रजापत के ठेले पर आपको रबड़ी फूल और फालूदा के शौकीनों का हुजूम दिखेगा.
पिछले करीब 50 वर्षों से रबड़ी फूल बना रहे विक्रम प्रजापत बताते हैं उन्हें रबड़ी फूल बनाने की ये कला विरासत में मिली है जहां खुले आसमान में बरगद के पेड़ के नीचे 50 वर्ष पहले उनके दादा जी रबड़ी फूल बनाते थे फिर उनके पिताजी महेश प्रजापत और अब वह. विक्रम बताते हैं उनके यहां दिनभर रबड़ी फूल और फालूदा के शौकीनों का हुजूम उमड़ता है और वह हर रोज करीब 700 गिलास रबड़ी फूल और फालूदा के बेच देते हैं उनके इस काम मे उनका छोटा भाई भी अब हाथ बंटा रहा है.
रबड़ी फूल बनाने वाले विक्रम प्रजापत बताते हैं उनके रबड़ी फूल और फालूदा के शहरवासी ऐसे ही दीवाने नही है. उनके इस स्वाद में उनकी कड़ी मेहनत होती है प्रजापत बताते हैं. रबड़ी वह स्वयं घर पर ही दूध से बनाते हैं और शरबत भी वह स्वयं तैयार करते हैं. ऐसे में शुद्धता के साथ स्वछता का भी वह पूरा ख्याल रखते हैं और उनके हर रोज 700 से 800 गिलास बिक जाते हैं विक्रम बताते हैं. उनके यहां रबड़ी फूल,फालूदा और बर्फ का गोला खाने वालों की भीड़ रात 12 बजे तक रहती है. यहां 30 रुपए में रबड़ी फलूदा बेचा जाता है.
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FIRST PUBLISHED : June 09, 2023, 14:45 IST








