
राजाराम मंडल/मधुबनी. पान, माछ और मखाना. मिथिलांचल का नाम आते ही यह तीनों चीज लोगों के जेहन में आ जाता है. यही कारण है कि मिथिलांचल के लोग पान, माछ और मखाना का बड़े पैमाने पर सेवन करते हैं. इनमें से माछ और मखाना का संबंध पानी से है.
मिथिलांचल को नदी, नहर, पोखर, गब्बी, सरेह, चाम्प का इलाका माना जाता है. इस कारण से यहां मखाना और मछली का पालन बड़े पैमाने पर होती है. तभी तो आज भी यहां सस्ते दर पर खासतौर पर देशी मछली मिल जाती है.
शाम होते ही बिक जाती है मछलियां
इन बाजार में जाने के लिए समय का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. लेट पहुंचे तो निराश भी होना पड़ सकता है, क्योंकि यहां सारी मछलियां बहुत तेजी से बिक जाती हैं. मधुबनी के कई ऐसे बाजार हैं जहां मछली बिकती है. जैसे की रामपट्टी, गदराई, अंधराठाढ़ी, अररिया, खुटौना के बाजार में आपको सस्ते दाम पर मछली मिल जाएगी.
अगर आप शादी-व्याह या अन्य अवसर के लिए थोक में मछली लेना चाहते हैं यहां आपको हर प्रजाति की ताजी मछली मिल जाएगी. यहां शौकीनों की इतनी भीड़ जुटती है कि महज दो घंटे में ही सारी मछली बिक जाती है. यह बाजार दोपहर 4 बजे से शाम 6:30 बजे तक लगती है.
पहले से मौजूद रहते हैं लोग
बात अगर दाम की करें तो आपको मछलियां कुछ इस दाम में मिलेगी. इचना 300, सिंघी 300, भाकुर 270–280, रेहु 180-190, विकेट 180, टेंगड़ा 170, रेवा 170, माडा 160, नैनी 150, मांगुर 130, बचेई 120 रुपए मिल जाएगी.
आपको बता दूं कि यहां लोग मछली खरीदने के लिए पहले से ही मौजूद रहते हैं. कई बार यहां ग्राहकों की इतनी भीड़ हो जाती है कि दुकानदारों के लिए बेचना मुश्किल हो जाता है. साथ ही शाम होने से पहले ही उनकी सारी मछलियां बिक जाती हैं. इस मछली बाजार में आपको देशी और जंगली मछली ही मिलेगी.
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FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 19:56 IST








