लखीसराय की ताइक्वांडो क्वीन हैं अमीषा, स्टेट लेवल तक में जीत चुकी है गोल्ड, अब नेशनल में बिखेरेंगी जलवा

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जितेन्द्र झा/लखीसराय: प्रतिभा किसी परिचय और उम्र की मोहताज नहीं होती इसको चरितार्थ कर दिखाया है लखीसराय की ताइक्वांडो क्वीन अमीषा पटेल ने. डीएवी नेशनल ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए लखीसराय की अमीषा पटेल का चयन हुआ है और वहीं दूसरी तरफ दीपक बिहार का नेशनल ताइक्वांडो में प्रतिनिधित्व करेंगे.

पूरे बिहार से डीएवी जोन में दो छात्राओं का नेशनल ताइक्वांडो गेम्स में चयन हुआ है, जिसमें से एक लखीसराय की अमीषा पटेल भी हैं. महज 12 वर्ष की अमीषा बताती हैं कि जब 8 वर्ष की थी, तभी से ताइक्वांडो खेल रही है. जब दोस्त ने ताइक्वांडो गेम्स में आने की सलाह दी तो यह खेल काफी रोचक लगा और तभी से लखीसराय जिला को राष्ट्रीय स्तर और राज्य स्तर पर विभिन्न ताइक्वांडो प्रतियोगिता में एक दर्जन से ज्यादा पदक दिलवा चुकी है.



ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने का है अमीषा का सपना
अमीषा बताती है कि उनका सपना देश के लिए ओलंपिक में ताइक्वांडो खेल में स्वर्ण पदक जीतने का है. अमीषा पटेल पिछले 4 वर्षों से लखीसराय के ड्रीम्स ऑफ माइंड ताइक्वांडो एकेडमी में कोच बादल गुप्ता के देखरेख में प्रशिक्षण ले रही है.

अमीषा ने 2023 में भी ताइक्वांडो में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल कर चुकी है. हाल ही में तमिलनाडू में आयोजित नेशनल गेम्स में डीएवी बिहार जोन से अमीषा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर बिहार सहित पूरे लखीसराय वासियों को एक सौगात दी. स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा आयोजित नेशनल गेम्स में बिहार की ओर से अमीषा अंडर-19 ताइक्वांडो प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व करेंगी.

अमीषा और दीपक नेशनल प्रतियोगिता में बिहार का करेंगे प्रतिनिधित्व
ताइक्वांडो खिलाड़ी दीपक भी दूसरी ओर अंडर-19 ताइक्वांडो प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे. यह प्रतियोगिता देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होना है. लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते अब जिले वासियों की उम्मीदें दोनों खिलाड़ियों से बढ़ गई है.

ताइक्वांडो प्रतियोगिता में पदक जीतने के लिए दोनों खिलाड़ी जमकर पसीना बहा रहे हैं. आपको बता दें कि दीपक का भी चयन पहली बार राज्य से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाल ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए हुआ है. इन पर भी स्वर्ण पदक जीतने का दबाव रहेगा. खेल पदाधिकारी बताते हैं कि बेहद कम उम्र में अमीषा ने जो सफलता पाई है उसके लिए लोगों को काफी कठिन मेहनत की जरूरत पड़ती है, जो अमीषा ने कर दिखाया और पूरे जिले वासियों का मान बढ़ाया.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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