
धीरेन्द्र शुक्ला/चित्रकूटः आज भी चित्रकूट में ऐसे कई स्थान हैं, जो भगवान राम से जुड़े हैं. लेकिन अब चित्रकूट में महर्षि वाल्मीकि का भी खास स्थान होगा. दरअसल, हम सभी जानते हैं कि रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी. महर्षि वाल्मीकि का चित्रकूट से भी खास नाता है. मान्यता है कि भगवान राम जब वन गमन को चलने लगे तो वह चित्रकूट में भी कई साल रहे. इसका प्रत्यक्ष उदाहरण तुलसीदास की रामचरितमानस और महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में देखने को मिलता है.
आज योगी सरकार चित्रकूट को न सिर्फ धार्मिक नगरी, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित कर रही है. यही वजह है कि अब चित्रकूट में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित होगी, जो धार्मिकता के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी आकर्षण का केंद्र रहेगी. मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्माजी के आग्रह पर महर्षि वाल्मीकि श्री राम के जीवन से जुड़े महाकाव्य को लिखने के लिए प्रेरित हुए थे. संस्कृत के श्लोकों से रामायण की रचना की, जो देश ही नहीं विदेशों में आज पढ़ी जाती है.
चित्रकूट का जिक्र महाभारत में भी
चित्रकूट के साधु संतों का कहना है कि चित्रकूट का एक विशिष्ट पहचान है. वाल्मीकि रामायण में इसका उल्लेख है. महर्षि वाल्मीकि ने प्रभु श्रीराम को चित्रकूट में अपना वनवास काल काटने का उपयुक्त स्थान बताया था. महर्षि वाल्मीकि चित्रकूट को पवित्र स्थान के रूप में चित्रित किया है. महान ऋषियों की तपोस्थली बताया है. यह स्थान सभी इच्छाओं को पूर्ण करने और मानसिक शांति देने वाला है. रामोपाख्यान और महाभारत में भी चित्रकूट को स्थान मिला है. फादर कामिल बुल्के ने भी चित्रकूट-महात्म्य में इसका उल्लेख किया है.
चित्रकूट में यहां लगेगी प्रतिमा
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि चित्रकूट के लालापुर आश्रम में महर्षि वाल्मीकि की साढ़े 12 फीट की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. यह प्रतिमा चित्रकूट के लिए बेहद खास होगी, क्योंकि आश्रम के पहले ही गेट पर इस प्रतिमा का अनावरण कराया जाएगा. यह इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि चित्रकूट लगातार पर्यटन में बढ़ रहा है. जिसको लेकर के लालापुर वाल्मीकि आश्रम की पहचान को खास बनाया जा रहा है.
.
Tags: Chitrakoot News, Maharishi Valmiki, Up news in hindi
FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 16:54 IST








