
Success story IAS Shishir Gupta: यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) में सफ होना आसान नहीं है. कई लोग मजाक में कहते हैं कि किसी को बर्बाद करना हो तो उसे आईएएस बनने के सपने दिखा दो. यूपीएससी की तैयारी के दौरान एस्पिरेंट निराश होकर रास्ता बदल लेते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं तो अच्छी-खासी सैलरी वाली जॉब छोड़कर यूपीएससी क्रैक करना तय करते हैं. आज जिस शख्सियत की सक्सेस स्टोरी बताने जा रहे हैं, उन्होंने भी हाई पेइंग जॉब छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी. इनका नाम है आईएएस शिशिर गुप्ता.
आईएएस शिशिर गुप्ता 2020 बैच AGMUT कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. AGMUT का मतलब है अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम एंड यूनियन टेरिटरी. जयपुर से ताल्लुक रखने वाले शिशिर गुप्ता ने अपनी स्कूली शिक्षा यहीं से पूरी की है. उनके पिता एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल
और मां होममेकर हैं.
दो प्रयास में असफलता से हो गए थे डिप्रेसन के शिकार
इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन के बाद शिशिर गुप्ता साल 2016 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा में बैठे. पहले प्रयास में ही उन्होंने प्रीलिम्स क्रैक कर लिया लेकिन मेन्स में बाहर हो गए. इसके बाद उन्होंने दूसरी बार फिर एग्जाम दिया. इस बार भी असफलता ही मिली. इसके चलते उन्हें डिप्रेशन ने घेर लिया. लेकिन परिवार ने उनका साथ दिया. मोटिवेट रखा. जिसके चलते इस स्थिति से जल्दी उबरे और 2019 में तीसरी बार यूपीएससी परीक्षा दी. इस बार उन्होंने ऑल इंडिया 50वीं रैंक के साथ यूपीएससी की परीक्षा क्रैक करने में कामयाब रहे.
आईआईटी बॉम्बे से किया है बीटेक
आईएएस शिशिर गुप्ता ने आईआईटी बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. इसके बाद उनकी अबूधाबी में एक बड़ी कंपनी में जॉब लग गई. शिशिर ने साल 2013 से 2015 तक दो साल बिलफिंगर टेबोडिन नाम की कंपनी में प्रोसेस इंजीनियर के रूप में काम किया. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के लिए जॉब छोड़ दी.
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Tags: IAS exam, IAS Officer, Success Story
FIRST PUBLISHED : June 07, 2023, 18:08 IST








