
निखिल स्वामी/ बीकानेर. बीकानेर के 50 युवाओं को अब मृदा के पोषक तत्वों तथा उपकरणों का प्रशिक्षण ले रहे हैं. इसके लिए कृषि महाविद्यालय के मृदा विज्ञान व कृषि रसायन विभाग द्वारा मृदा व जल परीक्षण एवं उपकरण पर सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है. प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को मृदा के विभिन्न पोषक तत्वों के परीक्षण तथा उपकरणों की प्रायोगिक जानकारी दी जाएगी. प्रशिक्षण में राजस्थान व अन्य राज्यों के 50 प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं.
उन्होंने कहा कि जैविक खेती पर नए शोध होने चाहिए, जिससे अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकें. उन्होंने कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग पर जोर दिया.शर्मा ने बताया कि कृषि में संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग की आवश्यकता बताई.कुलपति डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि मृदा में पोषक तत्वों की कमी से पौधों के साथ मनुष्यों में होने वाली बीमारियों के बारे में शोध करने की आवश्यकता है. उन्होंने जैविक खेती के दौरान विभिन्न फसलो में की जाने वाली क्रियाओं का पैकेज विकसित करने की आवश्यकता जताई.
कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आई.पी. सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा प्रशिक्षण के दौरान ज्यादा से ज्यादा प्रायोगिक सत्र रखे जाने की बात कही. कार्यक्रम में अधिष्ठाता, निदेशक एवं अधिकारी मौजूद थे.








