हाइलाइट्स
झारखंड के बच्चों को दिल्ली से बेहतर शिक्षा, हाईटेक क्लास, मगर हिंदू पहचान नहीं!
झारखंड में कई स्कूलों से हटाई जा रही हिंदू पहचान, ‘हिंदू’ और ‘रामरुद्र’ हटाया गया.
रांची/बोकारो/लोहरदगा. झारखंड के रामगढ़ जिले के एक स्कूल में आइकन बताकर पाकिस्तान मूल की नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई की तस्वीर लगाने का मामला सामने आया था. इस तस्वीर को जब गांव वालों ने देखा तो इसका विरोध किया. इसके बाद इस तस्वीर को हटा लिया गया. लेकिन अब नया बखेड़ा शुरू हो गया है और इसकी जड़ में राज्य सरकार है. दरअसल, कुछ स्कूलों से ‘हिंदू’ और ‘रामरुद्र’ जैसे शब्द हटा दिए गए हैं. इसको लेकर भाजपा ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया है.
दरअसल, झारखंड के 80 उत्कृष्ट स्कूलों के नाम के साथ अब सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जोड़ा जाएगा. इसका आदेश स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा पिछले दिनों जारी किया गया है. शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, कुछ स्कूलों के नाम में भी बदलाव किए गए हैं. इसी क्रम में लोहरदगा नदिया हिंदू हाई स्कूल के नाम में परिवर्तन कर दिया गया है. हिंदू शब्द हटा दिया गया है. इसका नाम अब डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस लोहरदगा, नदिया कर दिया गया है. दूसरी ओर चास बोकारो के रामरुद्र प्लस टू हाईस्कूल से रामरुद्र शब्द भी हटा दिया गया है.
वहीं, हिंदू शब्द हटाने का लोहरदगा के लोग विरोध कर रहे हैं और निर्णय वापस लेने की मांग कर रहे हैं. बता दें कि लोहरदगा के नदिया हिंदू हाई स्कूल की स्थापना आजादी से पूर्व 1931 ईस्वी में हुई थी. बिड़ला ने स्कूल बनाने के लिए जमीन दान में दी थी. वहीं चास बोकारो के रामरुद्र प्लस टू हाईस्कूल से रामरुद्र शब्द भी हटा दिया गया है. शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में कुछ स्कूलों के पहले के नाम में कोई बदलाव नहीं किया है. उसमें केवल सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जोड़ा गया है.
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हालांकि, एक हकीकत यह भी है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में कुछ स्कूलों के पहले के नाम में कोई बदलाव नहीं किया है. उसमें केवल सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जोड़ा गया है. शिक्षा सचिव के रवि कुमार ने बताया कि कुछ स्कूलों के नाम को लेकर दिक्कतें आ रहीं हैं. उसे करेक्शन करके भेज दिया गया है. इस मामले पर कोई भी राजनीतिक विवाद के लिए है ही नहीं. विभाग द्वारा ऑर्डर निकाला गया है.
वहीं हिंदू शब्द हटाने का लोहरदगा के लोग विरोध कर रहे हैं और निर्णय वापस लेने की मांग कर रहे हैं. इधर; विश्व हिंदू परिषद प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड सरकार द्वारा स्कूलों के नाम बदले जा रहे हैं. ऐसे स्कूल जिनके नाम में राम और हिदू जुड़े हुए हैं, उसे हटाना यह चिंता का विषय है. नाम में क्या रखा है पढ़ाई होनी चाहिए. देश के कई यूनिवर्सिटी और कई शिक्षण संस्थान है जो उनके नाम से चल रहे हैं. कई स्कूल हैं जो उसी तरह का नाम बरकरार रखा गया है.
लोहरदगा 1931 में खुली थी इसके साथ भावना जुड़ी रहे और चास में स्कूल है. उनके नाम में परिवर्तन किया गया है जो अपने पैसे से और जमीन देकर स्कूल बनाई है उनका नाम आखिर क्यों हटाया जा रहा है. सभी 80 स्कूल का नाम में बदलाव होता तो कहा जाता, लेकिन सिर्फ इन दोनो स्कूलों के नाम में परिवर्तन किया गया है. कोई भी ऐसा सरकार काम ना करें समाज में विभेद पैदा करें वह एक बार सरकार से आग्रह करना चाहता हूं. इस तरह क नाम को लेकर पुनर्विचार करें.
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Tags: CM Hemant Soren, Hindu-Muslim, Jharkhand news, Ranchi news
FIRST PUBLISHED : June 07, 2023, 16:43 IST








