
हाइलाइट्स
यूक्रेन ने कहा कि सैन्य गठबंधन की सदस्यता चालू युद्ध का अंत होने तक संभव नहीं
रूस द्वारा हथियाए 18 फीसदी क्षेत्र को कुछ महीनों में वापस हासिल करने का दावा
पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को मुहैया कराए टैंक, बख्तरबंद कार और तोपखाने
कीव: रूस-यूक्रेन (Russia-Ukraine War) के बीच छिड़ी जंग अभी थमती नजर नहीं आ रही है. फिलहाल दोनों देशों के बीच युद्ध विराम होने की स्थिति नहीं दिख रही है. वहीं, यूक्रेन ने दुश्मन देश रूस पर अपने जवाबी हमलों को तेज करने की रणनीति अख्तियार की है. यूक्रेन (Ukraine) ने दावा किया है कि रूस पर जवाबी हमला शुरू करने के लिए उसके पास हथियारों का पर्याप्त भंडार है. लेकिन उसको पश्चिमी देशों (Western Countries) से सहयोग की अपेक्षा है. यूक्रेन ने नाटो (NATO) की सदस्यता को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उसने कहा है कि उसके एजेंडे में सदस्यता हासिल करना अगला बड़ा लक्ष्य था.
यूक्रेन के विदेश मंत्री द्मित्रो कुलेबा ने सोमवार को समाचार एजेंसी रायटर को बताया कि यूक्रेन के पास रूस के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई शुरू करने के लिए पर्याप्त हथियार हैं. इतना ही नहीं उसका यह ऑपरेशन यूक्रेन को नाटो (NATO) में शामिल होने के लिए आवश्यक जीत भी देगा. विदेश मंत्री कुलेबा ने कीव में एक साक्षात्कार के दौरान यह भी कहा कि यूक्रेन के लिए सैन्य गठबंधन की सदस्यता संभवत: तब तक संभव नहीं होगी जब तक चालू युद्ध का अंत नहीं हो जाता. युद्ध की समाप्ति के बाद ही इसकी संभावना है.
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यूक्रेन ने इस बात का भी बड़ा दावा किया है कि पश्चिमी देशों की ओर से उसको जो टैंक, बख्तरबंद कार और तोपखाने मुहैया कराये गये, उस सबकी मदद से ही उसने रूस द्वारा हथियाए 18 फीसदी क्षेत्र को कुछ महीनों में बड़े हमलों के बाद वापस हासिल कर लिया है.
यूक्रेन के उप रक्षा मंत्री ने सोमवार को कहा कि कीव ने कुछ मोर्चों पर अपने ‘आक्रामक ऑपरेशन’ में बदलाव किया, लेकिन मॉस्को की ओर से पहले किये उस दावे को खारिज करता है जिसमें एक बड़ा यूक्रेनी हमला होने की बात कही गई थी.
कुलेबा ने यह नहीं बताया कि क्या जवाबी हमला शुरू हो गया था. उन्होंने जवाब दिया कि सबसे अहम बात यह नहीं है कि यह कब शुरू हुआ, बल्कि यह कि यह यूक्रेन की जीत में समाप्त हुआ. विदेश मंत्री ने मार्च, 2020 में अपना पद संभाला था. उन्होंने कहा कि यूक्रेन का अगला लक्ष्य नाटो सदस्यता हासिल करना है. नाटो के कुछ सहयोगियों देशों ने यूक्रेनी पायलटों को F-16 फाइटर जेट्स (F-16 fighter jets) उड़ाने का प्रशिक्षण देने पर सहमति जताई थी. इसको लेकर कीव ने लॉबिंग भी की थी. मंत्री ने रूस-यूक्रेन के बीच बड़े हथियारों के उपयोग को लेकर यह भी कहा है कि हम पहले से ही सभी हथियारों को अनलॉक कर चुके हैं… यानी लड़ने के लिए अब कुछ भी बड़ा नहीं बचा है.
उन्होंने मजबूती के साथ यह भी कहा कि नाटो (NATO) की सदस्यता इस युद्ध को नहीं रोक सकती है. लेकिन नाटो की सदस्यता आगे के युद्धों को रोक देगी. यही कारण है कि इस क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका उस समय का आना है जब यूक्रेन नाटो का सदस्य बन जाएगा.
मॉस्को ने सोमवार तड़के कहा था कि उसने यूक्रेन के दोनेत्स्क क्षेत्र के दक्षिणी हिस्से में यूक्रेन के एक बड़े हमले को विफल कर दिया है जिसमें छह मशीनीकृत और दो टैंक बटालियन शामिल थीं. कीव के अधिकारियों ने मॉस्को के उस दावे का मखौल उड़ाया है. उप रक्षा मंत्री हन्ना मालियार ने कहा कि दावे का खास मकसद पूर्वी शहर बखमुत के पास रूसी हार से ध्यान भटकाना था.
कुलेबा ने कहा कि हालांकि यूक्रेन के पास अब जवाबी हमला शुरू करने के लिए पर्याप्त हथियार हैं, फिर भी उसे अपने प्रयासों को बनाए रखने के लिए अपने सहयोगियों से निरंतर डिलीवरी की आवश्यकता होगी. कुलेबा ने पश्चिमी देशों से पर्याप्त हथियारों की सप्लाई जारी रखने की गुजारिश भी की है जब तक इसकी जरूरत है.
उन्होंने विश्वास जताया कि कीव के साझेदार तब तक हथियारों की आपूर्ति जारी रखेंगे जब तक कि कीव अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच जाता. लेकिन उत्पादन क्षमता को लेकर कठिनाइयों का सामना करने की बात भी कही है.
नाटो की ओर से यूक्रेन को ज्यादा गोला-बारूद मुहैया कराने पर भी फोकस किया जा रहा है. साल की शुरुआत में उसके गोला बारूद के स्टॉक को नष्ट कर दिया गया था.
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Tags: NATO, Russia ukraine war, Ukraine war, World news in hindi
FIRST PUBLISHED : June 06, 2023, 09:21 IST








