
कैलाश कुमार/बोकारो. बोकारो के मियां जान मेमोरियल इंटर कॉलेज बिजुलिया के दिव्यांग छात्र मृत्युंजय कुमार ने मेहनत और कठिन परिश्रम के दम पर झारखंड इंटरमीडिएट आर्ट्स की परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 70 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. मृत्युंजय को बचपन से आंखों से देख न पाने की समस्या है. इसके बावजूद अपने हौसले और संघर्ष की बदौलत उसने यह सफलता पाई है.
सोनू निगम को आदर्श मानते हैं मृत्युंजय
न्यूज 18 से बातचीत में मृत्युंजय कुमार ने बताया है वह अपनी परीक्षा के परिणाम से काफी खुश हैं. भविष्य में उनका लक्ष्य संगीत शिक्षक बनना है. इसके लिए मृत्युंजय ने बोकारो के संगीत कला अकादमी से शास्त्रीय संगीत में ट्रेनिंग पूरी की है. आगे वह किसी अच्छे विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर संगीत प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं. मृत्युंजय बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम को अपना आदर्श मानते हैं और उनके जैसा कलाकार बनना चाहते हैं.
ऑडियो बुक सुनकर की तैयारी
अपनी इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी के सवाल पर मृत्युंजय ने बताया कि वह रोजाना ऑडियो बुक को सुनकर परीक्षाओं की तैयारियां करते थे. पाठ्यक्रम के लिए उन्होंने ब्रेल लिपि की किताबों का सहारा लिया और पढ़ाई की. लिखने में असमर्थ होने के कारण उन्हें राइटर कि जरूरत पड़ी. जिसमें कक्षा 11वीं के छात्र अमन ने उनकी मदद की. मृत्युंजय ने बताया कि वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देना चाहेंगे. माता-पिता ने हमेशा से प्रेरित किया कि वह अच्छा कर सकते हैं..
पिता केंद्रीय विद्यालय में हैं कार्यरत
मृत्युंजय के पिता के अमरेश ठाकुर ने बताया कि वह बेटे की सफलता से काफी खुश हैं. उनका आशीर्वाद है कि मृत्युंजय इसी तरह मेहनत करे और सफलता हासिल करें. मृत्युंजय मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं. मृत्युंजय के पिता अमरेश ठाकुर केंद्रीय विद्यालय नंबर 1 में कर्मचारी के तौर पर कार्य करते हैं. वहीं उनकी माता अर्चना ठाकुर गृहिणी है.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 16:58 IST








