गर्मी के मौसम में बच्चों के लिए डॉक्टर ने दिए हेल्थ टिप्स, जानें कैसे ख्याल रख सकते हैं अपने लाडले का

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पवन सिंह कुंवर/हल्द्वानी. उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर का सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है. यहां इन दिनों मरीजों की भीड़ लगी हुई है. रोज करीब 1500 से 2000 मरीजों की ओपीडी हो रही है. बढ़ती गर्मी से वायरल फीवर के मरीज सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं. गर्मी से बच्चों का हाल बुरा है. अस्पताल में बच्चे भी काफी संख्या में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और डायरिया बच्चों के लिए मुसीबत बन रहा है. बेस अस्पताल में हर रोज करीब 100 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं.

जून शुरू होते ही गर्मी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. ऐसे में बड़ों के साथ-साथ बच्चों का भी खास ख्याल रखने की बेहद जरूरत है. भीषण गर्मी से बच्चों को बचाना पैरेंट्स के लिए काफी मुश्किल टास्क होता है. दरअसल, छोटे बच्चे शारीरिक रूप से काफी नाजुक होते हैं. जिसके चलते इस मौसम की चिलचिलाती धूप और जानलेवा लू बच्चों की सेहत के साथ-साथ उनकी नाजुक त्वचा को भी प्रभावित कर सकती है.

सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एसएस बिष्ट बताते हैं कि बच्चों को बाहर की चीजें गर्मियों में बिल्कुल भी खाने के लिए न दें. छोटे बच्चे आइसक्रीम खाने की ज्यादातर जिद करते हैं, तो बच्चों को इस समय आइसक्रीम और बाहर की चीजें बिल्कुल खाने को न दें. बच्चों को गर्मियों के मौसम में फल जितना ज्यादा हो सके खिलाएं. इससे उनकी इम्युनिटी भी ठीक बनी रहती है.

डॉ. बिष्ट ने बताया कि बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उन्हें समर फ्रेंडली फूड खिलाएं. उनकी डाइट में खरबूजा, तरबूज, खीरा, बैरीज़, पाइन एप्पल और संतरे को किसी भी प्रकार से शामिल कर दें. वहीं इस मौसम में पहाड़ों के फल जैसे- आड़ू, खुमानी, आलूबुखारा, काफल आदि भी सीमित मात्रा में उनके लिए उपयुक्त है.

डॉ. बिष्ट के मुताबिक, 1 से 3 साल के बच्चे को 4 कप पानी, 4 से 8 साल के बच्चे को 6 कप, 9 से 13 साल के बच्चे को 8 कप और 14 से 18 साल के बच्चे को कम से कम 12 कप पानी पीना चाहिए. डॉ बिष्ट बताते हैं कि ग्लूकोज़ हमारे शरीर के लिए ज़रूरी है. रोटी से भी हमें ग्लूकोज की प्राप्ति होती है. इस बात का ख्याल रखना ज़रूरी है कि आप किस उम्र में कितनी मात्रा ग्लूकोज़ की ले रहे हैं. बच्चे दिनभर खेलकूद करते हैं. ऐसे में वे तय मात्रा में अगर ग्लूकोज़ वाले पेय लेते हैं, तो इससे उन्हें इंस्टेंट एनर्जी मिलती है. एथलीट्स के लिए ग्लूकोज़ ज़रूरी है और उन्हें आसानी से पच भी जाता है. गर्मी के मौसम में ग्लूकोज़ बच्चे पी सकते हैं, मगर निर्धारित मात्रा से ज्यादा नहीं.

Tags: Haldwani news, Health tips, Summer Food

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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