
अनुज गौतम / सागर. मंदिर के आंगन में बनी नदी, नदी में उतरी फूलों से सजी नाव, नाव को थामे गोपी, नाव में बिराजे राधा माधव के अद्भुत रूप के दर्शन करने के लिए हर किसी की नजर थी. भगवान घंटों पानी में जलविहार करते रहे. मंदिर के एक तरफ श्रद्धालु दर्शन कर रहे थे तो दूसरी तरफ राधे-राधे मंडली के द्वारा गाए जा रहे भजन से माहौल ऐसा लग रहा था जैसे वृंदावन पहुंच गए हो.
यह नजारा सागर के बड़ा बाजार में स्थित श्री देव राधा माधव गेंडा जी मंदिर में दिखाई दे रहा था, जहां सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं का आना जाना लगा था. हर कोई इस दिव्य नजारे को अपने मोबाइल में कैद कर रहा था. वही मंदिर के अंदर बनाई गई नदी में रंगों की छटा बिखरी थी और इसमें कमल के लाल सफेद फूल भी डाले गए थे, जो इसके सौंदर्य को और भव्य कर रहे थे.
भक्तों को मनोहर दर्शन देने के लिए बाहर निकले भगवान राधा माधव
जिस जगह पर भगवान राधा माधव जलविहार कर रहे थे वहां पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए तीन तरफ से व्यवस्था थी. भगवान मंदिर के गर्भगृह से निर्जला एकादशी पर भक्तों को मनोहर दर्शन देने के लिए बाहर निकले थे. जिनका एक विग्रह चांदी के सिहासन पर विराजमान था तो दूसरा विग्रह जलविहार कर रहा था.
मंदिर में सुबह से ही कार्यक्रम शुरु हो गए थे. जैसे ही एकादशी शुरू हुई तो सबसे पहले भगवान का सहस्त्र धारा से अभिषेक कराया गया था फिर उन्हें नई पोशाक पहनाई गई. दोपहर की आरती हुई शाम होने के बाद उन्हें नौका विहार कराने की तैयारी शुरू की गई. मंदिर के पुजारी द्वारका प्रसाद दुबे ने बताया कि आज साल की सबसे बड़ी एकादशी है, जिसकी वजह से भक्तों को दर्शन देने के लिए भगवान खुद बाहर आए हैं. इसका विशेष महत्व होता है. मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को चिरौंजी की बर्फी प्रसाद के रूप में वितरित की गई.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 15:16 IST








