
शक्ति सिंह/कोटा. धरती को इंसान के रहने योग्य बनाने के लिए प्रकृति व पर्यावरण को सुरक्षित रखना चाहिए. पर्यावरण और धरती जीवन जीने के लिए सबसे जरूरी चीजें उपलब्ध कराती है, जैसे सांस लेने के लिए हवा और पेट भरने के लिए भोजन पानी. हालांकि धरती को जीने के लिए एक अच्छे वातावरण की जरूरत होती है. इस कड़ी में पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए कोटा के ओम प्रकाश सुमन पिछले 35 सालों से काम कर रहे हैं. अब तक दो लाख से ज्यादा पौधे निःशुल्क दे चुके हैं. इसके साथ एक करोड़ से ज्यादा बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशिक्षण भी दे चुके हैं. बता दें कि आज दुनिया भर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है.
पर्यावरणविद ओम प्रकाश सुमन कोटा के छोटे से कस्बे कैथून के रहने वाले हैं. ओमप्रकाश शादी या फंक्शन में जाकर वहां उपयोग में लिए जाने वाले डिस्पोजल को दोबारा से लेते हैं. फिर वह उन डिस्पोजल के बदले लोगों को पौधे या फिर खाद देते हैं. इन डिस्पोजल में पौधे लगाते हैं.
सिंगल यूज प्लास्टिक को ऐसे करते हैं इस्तेमाल
सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग ओम प्रकाश पूरी तरह से करते हैं. वह प्लास्टिक की बोतलों में भी पौधे लगा देते हैं. प्लास्टिक की बोतल को काटकर उसमें मिट्टी और खाद डालकर पौधे लगाते हैं. इसके अलावा नमक, चाय पत्ती सर्फ, दूध की थैलियों में भी खाद मिट्टी डालकर पौधा लगा देते हैं. इससेइन थैलियों का भी उपयोग सही ढंग से हो जाता है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होता. वहीं, घर के उपयोग में आने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक रीसाइक्लिंग होने में काफी समय लगाती है. इससे अच्छा ओम प्रकाश उन्हें पेड़ पौधे लगाने में उपयोग में लेते हैं.
ओम प्रकाश ने बताया कि अब तक 30 क्विंटल से ज्यादा पॉलिथीन इकट्ठा कर चुके हैं. इन प्लास्टिक के डिस्पोजल में पौधे लगाने में इनका पूरा परिवार काम करता है. कोटा संभाग में ओमप्रकाश अपनी अलग ही पहचान बना चुके हैं. जहां एक तरफ लोग प्लास्टिक का उपयोग करते हैं, तो दूसरी तरफ वह उसी सिंगल यूज प्लास्टिक को लेते हैं. इसके बदले में खाद और पौधे लोगों को देते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 12:15 IST








