
मुंबई. साउथ की फिल्मों का हिंदी रीमेक बीते कुछ समय से काफी देखने मिल रहा है. लेकिन बीते दौर में भी कई ऐसी हिंदी फिल्में आई हैं, जो साउथ की ब्लॉकबस्टर का रीमेक थीं. इन फिल्मों ने उस दौर के बॉलीवुड कलाकारों को नई पहचान दी थी. बीते दौर के ऐसे ही एक अभिनेता थे जितेंद्र (Jeetendra). बॉलीवुड में जितेंद्र का अपना एक अलग क्रेज रहा है. जितेंद्र ने कॅरियर में कई साउथ रीमेक में काम किया है. ऐसी ही एक रीमेक के बारे में आपको आज बताते हैं, जिसने जितेंद्र के कॅरियर को एक नया बूम दिया था. इस फिल्म का महेश बाबू से भी खास कनेक्श है. आइए, बताते हैं…
जितेंद्र 7 अप्रैल 1942 को जन्में 81 वर्षीय जितेंद्र ने बॉलीवुड में कई तरह के किरदार निभाए हैं. 6 अक्टूबर 1967 को जितेंद्र की फिल्म ‘फर्ज’ आई थी. इस स्पॉय थ्रिलर फिल्म में उनके साथ करिश्मा और करीना की मम्मी बबीता थीं. फिल्म को रविकांत नागाइच ने निर्देशित किया था. फिल्म की डिफरेंट स्टोरी लाइन को दर्शकों ने खूब पसंद किया था और यह फिल्म बड़े पर्दे पर हिट साबित हुई थी. स्पाय थ्रिलर को इतना प्यार मिला कि इसके बाद में 2 सीक्वल बने. एक ‘कीमत’ और दूसरी ‘रक्षा’. ‘कीमत’ में जहां धर्मेंद्र नजर आए थे. वहीं, ‘रक्षा’ में एक बार फिर जितेंद्र ने काम किया था.
महेश बाबू के पापा की थी फिल्म
जितेंद्र की यह स्पॉय थ्रिलर असल में तेलुगू फिल्म ‘गुड़ाचारी 116’ का हिंदी रीमेक थी. इस फिल्म को एम. मल्किार्जुन राव ने निर्देशित किया था. फिल्म में महेश बाबू के पिता कृष्णा ने लीड रोल प्ले किया था. वहीं, उनके अपोजिट जयललिता नजर आई थीं. यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आई थी और यह मूलत: हॉलीवुड मूवी ‘जेम्स बॉन्ड 777’ से इंस्पायर थी. इस फिल्म को इतना पसंद किया गया था कि 1978 में ‘एजेंट गोपी’, 1981 में ‘रहस्य गुड़ाचारी’ और 1989 में ‘गुड़ाचारी 117’ फिल्में इसके सीक्वल के तौर पर बनी थीं.
जितेंद्र को इस फिल्म के रीमेक से काफी फायदा हुआ था. इसके बाद उन्होंने कई साउथ फिल्मों के रीमेक में काम किया. इस फिल्म के गाने भी बेहद हिट रहे थे. इनमें ‘बार बार दिन ये आए’, ‘मस्त बहारों का मैं आशिक’, ‘हम तो तेरे आशिक हैं’ आदि काफी हिट रहे थे.
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Tags: Entertainment Special, Jeetendra, Mahesh Babu, South cinema
FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 11:27 IST








