चमत्‍कार: बच्‍चे की चाह में करोड़ों रुपये फूंक डाले, 21 बार IVF ट्रीटमेंट लिया मगर सब फेल, अब 53 की उम्र में बनी मां

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बच्‍चे की चाह अगर ऐसी हो तो कुछ भी संभव नहीं. जी हां, स्‍कॉटलैंड की एक मह‍िला की कहानी सुनकर आप भी यही कहेंगे. शादी के बाद शुरुआती दिनों में बच्‍चा पैदा नहीं हुआ तो डॉक्‍टरों ने तो कह दिया कि आप आंश‍िक बांझपन की श‍िकार हैं. इसके बावजूद महिला ने हार नहीं मानी. 25 साल तक इलाज कराती रही. 21 बार IVF ट्रीटमेंट लिया. तीन बार प्रेग्‍नेंट भी हुई, मगर सब फेल हो गए. इलाज पर करोड़ों रुपये बर्बाद हो गए. लेकिन आप जानकर हैरान होंगे कि जिस मह‍िला को डॉक्‍टरों ने बांझ बता दिया था, वह 53 साल की उम्र में प्रेग्‍नेंट हो गई. और एक बच्‍ची की मां बनी. अब उसकी खुशियों का ठ‍िकाना नहीं.

कहानी ग्‍लास्‍गो की रहने वाली हेलेन डेल्ग्लिश की है. हाल ही में उन्‍होंने बेटी डेज़ी ग्रेस को जन्‍म दिया. डेली रिकॉर्ड से बातचीत में उन्‍होंने बताया कि कैसे तमाम तकलीफों के बावजूद उन्‍होंने मां बनने के अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा. हेलेन ने कहा, जब आपको वह मिल जाता है, जिसकी आप वर्षों से तलाश में थे तो आप 25 साल का दर्द भी भूल जाते हैं. मुझे आज भी यकीन नहीं होता. कभी कभी लगता है कि कहीं मैं सपना तो नहीं देख रही हूं.

उच्‍च गुणवत्‍ता वाला भ्रूण बन रहा था लेकिन फ‍िर असफल
हेलेन ने बताया कि 20 साल की उम्र में वह साइप्रस चली गईं और शादी हुई तो बच्‍चे के लिए कोश‍िश करने लगी. जब प्रेग्‍नेंसी में प्राब्‍लम आई तो स्‍कॉटलैंड वापस आ गए. वहां जांच कराई तो आंश‍िक बांझपन का पता चला. डॉक्‍टरों को यूटरस में एक समस्‍या नजर आई. तब उन्‍होंने IVF ट्रीटमेंट लेने की सलाह दी. मुझे लगा कि एक या दो प्रयास में शायद यह सफल हो जाए और उनका सपना पूरा हो जाए. लेकिन 25 साल तक यही सब चलता रहा. उच्‍च गुणवत्‍ता वाला भ्रूण बन रहा था लेकिन फ‍िर असफल. हमने कई तरह के प्रयोग किए. योगा किया, ध्‍यान लगाया. इलाज कराया. लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. मैं हार चुकी थी, तभी मेरी मां ने कहा कि एक और प्रयास करना चाह‍िए. मेरे पिता भी मरने से पहले कहकर गए थे, तुम्‍हें जो चाह‍िए वह स्‍वर्ग से भेज दूंगा.

तीन बार प्रेग्‍नेंट हुईं और हर बार 9 या 10 हफ्ते की प्रेग्‍नेंसी खराब
इसी बीच स्‍कॉटिश सरकार के एक सलाहकार को बांझपन पर बोलते हुए सुना. वे एक नई तकनीक के बारे में बात कर रहे थे. इसमें भ्रूण को ट्रांसफर करना था, लेकिन हेलेन को देखने के बाद डॉक्‍टरों ने कहा कि उनका यूटरस गंभीर रूप से झुका हुआ है. ऐसे में वह प्रेग्‍नेंट तो हो सकती हैं लेकिन गर्भ रुकेगा, इसकी उम्‍मीद करना ठीक नहीं. हेलेन नहीं मानीं और उन्‍हें ट्रीटमेंट करने को कहा.आखिरकार वही हुआ. तीन बार प्रेग्‍नेंट हुईं और हर बार 9 या 10 हफ्ते की प्रेग्‍नेंसी खराब हो जाती. उन्‍होंने सरोगेसी का सहारा लेने के बारे में सोच लिया. लेकिन तभी उनके पत‍ि ने कहा, एक बार साइप्रस चलकर देखते हैं. वहां दोनों ने एक फर्टिलिटी सेंटर की मदद ली और चमत्‍कार हो गया. 2 हफ्ते बाद ही प्रेग्‍नेंसी की खबर मिली.

जैसे ही खबर सामने आई. हम फूट-फूटकर रोने लगे
हेलेन ने कहा, जैसे ही खबर सामने आई. हम फूट-फूटकर रोने लगे. मेरी मां को लगा कि प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट नेगेटिव है, लेकिन यह खुशी के आंसू थे. इसी बीच मुझे डायबिटीज और प्री-एक्लेमप्सिया हो गया. एक ऐसी स्थिति जो गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप का कारण बनती है. मैं डर गई थी, लेकिन थैंक्‍स गॉड, सब ठीक रहा. हर बीतते महीने के साथ मैं और अधिक आश्वस्त होती गई कि मैं आखिरकार अपने बच्चे से मिलने जा रही हूं. सितंबर में 53 साल की उम्र में मैं एक स्वस्थ बच्ची की मां बनी. हम खूब रोये. 25 साल की सारी तकलीफ दूर हो गई. मगर आज भी जब मैं अपनी बच्‍ची को देखती हूं तो यकीन नहीं होता.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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