
गुलशन सिंह/बक्सर. पर्यावरण संरक्षण में अपनी अहम भूमिका निभा रहे जिले के चुरामनपुर स्थित मदन वाटिका नर्सरी के संचालक अमित सैनी ने फिर एक बार मिसाल पेश की है. दरअसल, स्नैक मैन ऑफ बिहार के नाम से मशहूर 20 वर्षीय युवा हरिओम चौबे के द्वारा सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-922 के किनारे दलसागर गांव के समीप नेचर वाइल्डलाइफ केयर यानि पशु-पक्षियों का रेस्क्यू सेंटर बनाया गया है. जिसमें घायल व लावारिस वन्य प्राणियों का देखभाल व इलाज किया जाना है.
वहीं इस रेस्क्यू सेंटर को हरा भरा बनाने की जिम्मेदारी मदन वाटिका नर्सरी की ओर से अमित सैनी ने उठाया है. इसको लेकर नर्सरी संचालक ने रेस्क्यू सेंटर को दो दर्जन पौधे दान में दिया है. इतना ही नहीं खाद एवं दवा भी मुहैया भी मुफ्त में उपलब्ध कराऐंगे.
दो दर्जन से अधिक पौधे नर्सरी की ओर से किया दान
नर्सरी संचालक अमित सैनी ने बताया कि वैसे तो सभी लोग अपने और अपने परिवार के लिए काम करते हैं लेकिन, हरिओम एक ऐसा युवा है जो समाज ही नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए काम करते है. उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से लावारिस वन्य जीवों की देखभाल और इलाज के लिए बिना किसी सरकारी सहायता के आम जनों के सहयोग से रेस्क्यू सेंटर तैयार किया है, वह काबिले तारीफ है.
उन्होंने बताया कि हरिओम के इन्ही उत्कृष्ट कार्यों से प्रभावित होकर वाइल्डलाइफ केयर सेंटर को हरा भरा बनाने के लिए नर्सरी की तरफ से मुफ्त में फूल तथा फल के दर्जनों पौधे दिए गए हैं. वहीं रेस्क्यू सेंटर के संचालक हरिओम चौबे ने बताया कि सेंटर को खड़ा करने में समाज के बहुत से लोग आगे बढ़ कर मदद किया है. उसी में से एक अमित सैनी भी हैं, जिन्होंने पहले भी मदद की है और अब फिर से सेंटर के लिए दो दर्जन पौधे देकर हौंसला बढ़ाया है. साथ ही रेस्क्यू सेंटर को संचालित करने में हर सम्भव मदद का आश्वासन भी दिया है.
वन्य प्राणियों की रक्षा के लिए बनाया गया है रेस्क्यू सेंटर
गौरतलब है कि हरिओम महज 20 वर्ष की उम्र में अब तक 3500 से ज्यादा विषैले सांपों का रेस्क्यू कर चुके है. वही अब वन्य जीवों के देखभाल के लिए नेचर वाइल्डलाइफ केयर की स्थापना भी कर दी है. जिसकी सराहना करते लोग नही थक रहे.
हरिओम के टीम में चार युवा शामिल हैं जो वन्य जीवों की रक्षा करने में मदद करते हैं. इस रेस्क्यू सेंटर में बंदर, कुत्ता, बिल्ली, नीलगाय, बछड़ा, सांप, गौरैया, हिरण सहित अन्य वन्य प्राणी जो घायल और लावारिस होंगे उनका इलाज चलेगा. वहीं मदद के लिए रेस्क्यू सेंटर की ओर से +918789042874 नंबर भी जारी किया गया है. जिसपर कॉल कर पशु पक्षियों के बारे में जानकारी दी जा सकती है.
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FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 19:09 IST








