इंजीनियरिंग के बाद छोड़ी नौकरी, बेचने लगे मिठाई, आज उनके बिजनेस का बाजार में है नाम

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पीयूष पाठक/ अलवर. आजकल घर छोड़कर बाहर नौकरी करने का युवाओं का सपना रहता है.युवा इंजीनियरिंग के बाद मिलने वाली प्लेसमेंट मे ही अपना कैरियर बनाने की सोच रखते हैं. लेकिन अलवर शहर के एक युवा ने बीटेक करने के बाद प्लेसमेंट से मिली नौकरी की. लेकिन करीब 1 से डेढ़ साल बाद ही उस नौकरी को छोड़ कर अपनी पुश्तैनी मिठाई की दुकान संभाली. अमूमन ऐसा कम ही देखने को मिलता है, जहां लोग अच्छे पैकेज को छोड़कर दुकान मेंअपना भविष्य खोजते हैं. लेकिन शहर के इस युवा ने एक अनोखी मिसाल कायम की और आज अपनी पुश्तैनी मिठाई की दुकान संभाल रहे है. उनका कहना है कि उन्हें अपने डिसीजन पर आज गर्व है कि सही समय पर मैंने सही डिसीजन लिया. जिसकी बदौलत आज मैं इस दुकान को एक अच्छे मुकाम तक ले गया.

अलवर शहर के दाउदपुर स्थित शर्मा मिष्ठान भंडार को संभालने वाले जितेंद्र ने बताया कि मैंने 2011 में मैकेनिकल ब्रांच से बीटेक की. उसके बाद मैंने करीब 1 साल तक जॉब की. हमारी यह दुकान सन 1952 से चल रही है. सबसे पहले इस दुकान को मेरे दादाजी ने संभाला. फिर मेरे पिताजी ने संभाला. लेकिन मेरे पिताजी की तबीयत के चलते मुझे अपनी नौकरी छोड़ कर अपनी पुश्तैनी दुकान को संभालना जरूरी था. इसलिए मैंने डेढ़ साल नौकरी करने के बाद दुकान संभालना शुरू किया. मेरे दुकान पर बैठने के एक साल बाद पिताजी का देहांत हो गया. तब से मैं रेगुलर दुकान संभाल रहा हूं. मैं अभी इस दुकान पर क्वालिटी मेंटेन करने की कोशिश करता हूं. जैसा कि पहले के समय में है इसीलिए आज बाजार में हमारा नाम है.

जितेंद्र ने बताया कि उस समय यह फैसला लेना जरूरी हो गया था. क्योंकि दुकान पर बैठना जरूरी था और पिताजी की तबीयत खराब के चलते वे अपना पूरा समय यहां नहीं दे पा रहे थे. अपना खानदान काम पर कुछ असर ना पड़े. इसके लिए मैंने अपनी नौकरी छोड़कर दुकान में आने का फैसला लिया. आज मैं अपने लिए हुए फैसले पर गर्व महसूस करता हूंकि शायद उस समय में में अगर यह डिसीजन नहीं ले पाता तो दुकान को सही तरह से नहीं चला पाता. डेढ़ साल तक मैंने पिता जी के साथ बैठकर इस हलवाई के तौर-तरीके को समझा. इसके बाद आज हम दुकान को अच्छी तरह से चला रहे हैं. लोगों का अच्छा विश्वास हमारे ऊपर बना हुआ है. जितेंद्र ने बताया कि मैं लोगों से यह कहना चाहूंगा कि आप जो भी काम करें उसमें यह ध्यान रखें कि परिवार की सहमति हो और अगर परिवार का कोई काम है तो उसे प्रायोरिटी देना हमारा पहला लक्ष्य होना चाहिए. जिससे कि हम अपने एफर्ट से उसे और ऊंचाइयों तक लेकर जा सके.

इस दुकान की विशेष मिठाई
शर्मा मिष्ठान भंडार की वैसे तो सभी मिठाई एक से बढ़कर एक है. लेकिन यहां की गुलाब जामुन, कलाकंद, बर्फी व नमकीन से बनी हुई कुछ आइटम के यहां लोगों को अलग स्वाद देते हैं.

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FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 18:57 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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