करौली के लक्ष्य ने 5 घंटे पढ़ाई कर 10 वीं में किया राजस्थान टॉप, जानिए सफलता की कहानी

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 मोहित शर्मा/ करौली. प्रतिस्पर्धा से भरे इस जमाने में कई लोग ऐसे होते हैं जो अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए घंटो तक पढ़ाई करते हैं. लेकिन उन्हीं में से कई लोग ऐसे भी होते हैं जो महज कुछ घंटों की एकाग्र मन से की गई पढ़ाई और मजबूत इरादों से कुछ बड़ा कर दिखाते हैं. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है राजस्थान के करौली के 15 वर्षीय लक्ष्य चतुर्वेदी ने. जिन्होंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान दसवीं कक्षा के परिणाम में महज 5 घंटे की नियमित पढ़ाई से पुरा राजस्थान टॉप किया हैं. अंग्रेजी माध्यम का छात्र होने के बावजूद भी लक्ष्य ने इस साल दसवीं कक्षा के परिणाम में 600 में से 597 अंक हासिल किए हैं. आइए लक्ष्य से ही जानते हैं उनकी एक छोटी उम्र में बड़ी सफलता की कहानी.

तनाव से दूर रहकर की थी 5 घंटे की पढ़ाई
न्यूज़ 18 से खास बातचीत में लक्ष्य ने बताया कि वह सिर्फ स्कूल से आने के बाद नियमित 4 से 5 घंटे की पढ़ाई करते थे और 5 घंटों की पढ़ाई के बाद वह अपने आप को तनाव मुक्त करने के लिए कई तरह के शारीरिक व्यायाम वाले गेम खेलते है. लक्ष्य ने बताया कि दसवीं कक्षा में आने के बाद उन्होंने 1 दिन भी अपनी स्कूल की क्लास मिस नहीं की थी. नियमित 4 – 5 घंटे की पढ़ाई में एनसीईआरटी की बुक बार-बार पढ़कर उसने दसवीं के परिणाम में राजस्थान टॉप किया है.

गलत संगत से रहें दूर और बनाए अच्छे दोस्त
इस साल दसवीं कक्षा में आने वाले बच्चों के लिए लक्ष्य का कहना है कि पढ़ाई करते वक्त आप बिल्कुल भी तनाव ना लें और तनाव से मुक्त रहने के लिए खासकर शारीरिक व्यायाम वाले खेलों पर भी ध्यान दें. जिससे आपको शारीरिक और मानसिक दोनों की शक्ति मिलेंगी. उनका कहना है कि पढ़ाई का माहौल अच्छा रखने के लिए आप गलत संगत से दूर रहे और अच्छे दोस्त बनाने के साथ-साथ सोशल मीडिया और व्याकुलता से भी दूर रहें.

दादा को दिया अपनी सफलता का श्रेय, आईएएस बनने का है सपना
लक्ष्य ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता और गुरुजनों के साथ-साथ विशेष रुप से अपने दादा जी को दिया है. लक्ष्य ने बताया कि मेरे इस मुकाम में दादाजी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. फिलहाल लक्ष्य कोटा से आईआईटी की तैयारी कर रहे हैं आगे उनका सपना आईएएस बनने का है.

परीक्षा देने के बाद ही कह दिया कटेंगे सिर्फ दो नंबर
लक्ष्य के पिता पवन चतुर्वेदी ने बताया कि बेटे के इस परिणाम को देखकर हमारे पूरे परिवार में खुशी की लहर है. इस परिणाम को पाने के लिए उसने तैयारी भी बहुत अच्छे ढंग से की थी. वह स्कूल से आकर प्रतिदिन 5 घंटे की पढ़ाई करता था. उन्होंने बताया कि लक्ष्य बहुत ही सिंसियर और होशियार बच्चा है. क्रिकेट के प्रति भी उसकी बहुत ज्यादा रुचि है. इसी रूचि के चलते वह छोटी सी उम्र में दो बार स्टेट टूर्नामेंट भी खेलकर आया है.

लक्ष्य के पिता का कहना है कि हमें तो बेटे की इस सफलता की पहले से ही उम्मीद थी. क्योंकि लक्ष्य नें परीक्षा देते वक्त ही कह दिया था कि पापा सिर्फ दो नंबर कटेंगे और आज परिणाम आने के बाद यह उसने साबित भी कर दिया है. लक्ष्य के कुल अंकों में से सिर्फ तीन नंबर ही कटे हैं.

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FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 14:42 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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