
रविकांत कुमार/मधेपुरा. परंपरागत खेती से अगर आपकी आमदनी नहीं बढ़ रही है, तो आप एक बार इस पौधे की खेती करके देखिए. एक एकड़ में महज 10 हजार का खर्च होगा और आपको एक लाख तक की आमदनी होगी.सुनकर थोड़ा अटपटा लग सकता है, लेकिन यह हकीकत है.
दरअसल, हम बात कर रहे हैं मेंथा की खेती की. जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत नाढ़ी पंचायत के बंधा गांव निवासी प्रगतिशील किसान गुलाब मेहता पिछले कुछ वर्षों से मेंथा की खेती करते हैं और सालाना इतना कमा लेते हैं, जितने रुपये उन्होंने परंपरागत खेती करने के दौरान नहीं देखे थे.
पहली बार मेंथा की खेती से मिले 4 लाख रुपये
प्रगतिशील किसान गुलाब मेहता बताते हैं कि उन्हें वर्ष 2011 में बेगूसराय के बखरी निवासी उनके मौसेरे भाई ने मेंथा की खेती करने की सलाह दी, लेकिन उन्हें ट्रैक बदलने में दो-तीन साल लग गए. फिर उन्होंने मेंथा की खेती शुरू की. पहली बार ही उन्हें एकमुश्त 4 लाख की आमदनी हुई. गुलाब कहते हैं कि परंपरागत खेती से एक साथ दो-ढाई लाख से ज्यादा नहीं देखा था. मेंथा की खेती से पहली ही बार एकमुश्त 4 लाख की आमदनी होने से उनका हौसला और बढ़ गया. फिर हमने 18 एकड़ में मेंथा की खेती की. इसी तरह साल दर साल खेती बढ़ती गई. लेकिन हाल के दिनों में मेंथा का बीज उपलब्ध नहीं होने की वजह से इस बार महज 8 एकड़ में ही खेती की है.
आसानी से मिल जाते हैं ग्राहक
गुलाब बताते हैं कि फसल तैयार होने में मात्र तीन माह का समय लगता है. एक बार लगाने के बाद तीन बार इसकी कटाई होती है. उन्होंने बताया कि कटाई के बाद एक दिन इसे धूप में छोड़ दिया जाता है. फिर तेल निकालने की यूनिट में इसकी प्रोसेसिंग की जाती है. इसके तेल की कीमत एक हजार से 1800 रुपये प्रति लीटर तक है. गुलाब ने बताया कि वे आसपास के छोटे-छोटे किसानों को भी मेंथा की खेती करने को जागरूक करते हैं. उन्होंने खुद प्रोसेसिंग प्लांट लगा रखा है, इसलिए छोटे किसानों को कोई दिक्कत नहीं होती है. वे कहते हैं किबिक्री की कोई चिंता नहीं होती है. अधिक मात्रा में उपज हो तो खरीदार खुद यहां आकर खरीद लेते हैं. जबकि 50 लीटर तक हो तो हैं तो व्यापारी को पहुंचाना पड़ता है.
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Tags: Farming, Farming in India
FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 12:52 IST








