
अमित सिंह/प्रयागराज. छह जून को हिंदू साम्राज्य दिवस मनाया जाता है. खास बात यह है कि इस दिन छत्रपति शिवाजी महाराज को याद करके उनके कृतित्व को सराहा जाता है. इसका मुख्य कारण है कि हिंदू साम्राज्य के महानायक और कुशल रणनीतिकार के साथ एक महायोद्धा भी थे. इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से प्रयाग विभाग के सभी 40 नगरों में हिंदू साम्राज्य दिवस का भव्य आयोजन किया गया. जहां हिंदवी स्वराज की स्थापना के 350वें वर्ष के उपलक्ष में हुए इस आयोजन में विभिन्न ऐतिहासिक तथ्य पर चर्चा की गई.
प्रयाग उत्तर के विश्वविद्यालय नगर की ओर से सामिया माई पार्क में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय शिक्षक संगठन आटा के पूर्व अध्यक्ष सीएमपी डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर एसपी सिंह ने कहा कि हिंदू पद पादशाही को स्थापित करने वाले शिवाजी साहस और शौर्य के प्रतीक थे. उनके शानदार निर्देशन में मराठा साम्राज्य में मुगल शासन को प्रभावहीन कर दिया था. औरंगजेब शिवाजी की राजनीति के आगे घुटने टेकने को मजबूर हो गया था. अंग्रेजों ने भारत की सत्ता मुगलों से नहीं बल्कि मराठा साम्राज्य से हथियाई थी. इसका विवेचना भारतीय इतिहास में विस्तार से होना चाहिए.
छत्रपति शिवाजी के योगदान को किया गया याद
कार्यक्रम में आए अन्य अतिथियों ने इस दिवस और छत्रपति पर अपने-अपने विचार रखें. जहां उनके अन्य शासित रणनीति और विशेष युद्ध को याद किया गया. कार्यक्रम में सेवानिवृत्त ज्वाइंट कमिश्नर राजीव कुमार प्रोफेसर, फूल सिंह डॉक्टर मुरारजी त्रिपाठी आदि ने भी कार्यक्रम में पूर्ण सहभागिता निभाई.








