
रितेश कुमार / समस्तीपुर. जिले की छात्राओं को मिथिला पेंटिंग में दक्ष बनाने के लिए ट्रेनिंग दी गई. यह ट्रेनिंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद महिला महाविद्यालय इकाई द्वारा संयोजक राजनंदिनी कुमारी के नेतृत्व में आयोजित हुई. भगिनी निवेदिता व्यक्तित्व विकास शिविर में छात्राओं को मिथिला पेंटिंग की ट्रेनिंग दी गई. मिथिला पेंटिंग की प्रशिक्षिका सुनीता दास ने छात्राओं को खड़ी कचनी और तिरछी कचनी बनाना सिखाया. उन्होंने बताया कि मिथिला पेंटिंग एक अद्भुत कला है और यह पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. इस कला को सीख कर छात्राएं निश्चित तौर पर हुनरमंद बनेंगे. यह हुनर उन्हें स्वरोजगार दिलाने में मदद करेगा.
हर किसी को है सीखने की ख्वाहिश
मिथिला पेंटिंग एक ऐसी कला है जो छात्राओं को कला के साथ-साथ रोजगार से भी जोड़ती है. यह कला पूरे देश में विख्यात है. क्योंकि मिथिला पेंटिंग आज के दौर में एक ऐसी कला है जो हर किसी के मन में इसको सीखना ख्वाहिश बन गई है. मिथिला पेंटिंग मौजूदा समय में दीवार से लेकर लोगों के वस्त्र पर भी दिखने लगी हैं. लोग इस कला को सीख कर रोजगार से जोड़ कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं.
आर्थिक रूप से भी होगी आत्मनिर्भर
मिथिला पेंटिंग के माध्यम से छात्राएं समाज में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं. वह आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं. आज के समय में खास तौर पर ग्रामीण इलाके की छात्राओं को मौजूदा समय में भी घर से निकलना काफी मुश्किल होता है. ऐसे में छात्राएं चाह कर भी अपना हुनर किसी के सामने प्रस्तुत नहीं कर पाती है, जिसको लेकर आयोजित भगिनी निवेदिता व्यक्तित्व विकास शिविर में छात्राओं को मिथिला पेंटिंग की ट्रेनिंग दी गई है. छात्राएं अब इस प्रशिक्षण को प्राप्त कर खुद आत्मनिर्भर बन कर रोजगार से जुड़ सकती है. इस मौके पर स्तुति राज, कॉलेज अध्यक्ष कुमकुम कुमारी, आमना खातून, प्रशिक्षक सुनीता दास, रुचि कुमारी, पल्लवी, परी, फलक, मोती, आमना, एकता, रुपाली, सिंधु अंबिका, प्रीति झा सहित आदि मौजूद रही.
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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 17:54 IST








