फोर्टिफाइड चावल को प्लास्टिक मानकर खाने से डर रहे लोग! अब सरकार ने उठाया ये कदम

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संजय यादव/बाराबंकी. फोर्टिफाइड चावल एक गुणकारी अनाज है. फोर्टिफाइड चावल का सेवन करने से क्या फायदे होंगे, कौन-कौन सी बीमारियां नहीं होंगी. लोगों के अंदर अभी भी इसकी जानकारी नही है. लोग इस चावल को प्लास्टिक मानकर खाने से डर रहे हैं. ऐसे में सरकार के निर्देश पर बाराबंकी जिला प्रशासन ने एक खास पहल शुरू की है. जिसके तहत इसके फायदे कार्डधारकों को अलग अलग माध्यमों से बताए जा रहे हैं.

दरअसल, मौजूदा समय में जिले के सभी साढ़े छह लाख कार्ड धारकों को फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है, लेकिन कुछ लोग इस चावल को अभी भी प्लास्टिक मानकर खाने से डर रहे. जिसको देखते हुए जिले का पूर्ति विभाग में अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से कोटेदारों और लोगों को जागरुक करके इसके फायदे बता रहा है. बैनर, पैंपलेट, ऑडियो, सोशल मीडिया और जिंगल समेत अन्य तरीकों से विभाग ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरुक कर रहा है. जिसका असर भी देखने को मिल रहा है. लोगों के अंदर से अब भ्रांतियां दूर हो रही हैं और लोग इसका सेवन करने लगे हैं.

पोषक तत्वों का खजाना है फोर्टिफाइड चावल
बाराबंकी के जिला पूर्ति अधिकारी डॉ राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि इसके लिए टूटे हुए चावल के दानों को पीसकर आटा बनाया जाता है. फिर निर्धारित मानक के अनुसार पोषण क्षमता बढ़ाने के लिए उसमें सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे आयरन, फोलिक एसिड, जिंक तथा विटामिन बी 12 को मिलाया जाता है. इसके बाद 100 किलो चावल में एक किलो पोषणयुक्त चावल मिलाया जाता है. उन्होंने बताया कि इसका सेवन करने से बच्चे कुपोषण का शिकार नहीं होते. शरीर में खून की कमी नहीं रहती है. स्नायु तंत्रों को मजबूत बनाने में भी यह चावल काफी सहायक है इसलिए पोषणयुक्त चावल बनाते समय इसका मांड़ नहीं निकालना चाहिए. इसका जो माड़ होता है वह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है.

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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 17:02 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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