
रामकुमार नायक/महासमुंद – बदलते समय के साथ बुजुर्गों का मान-सम्मान घटता जा रहा है. नई पीढ़ी नई सोच के घोड़े पर सवार होकर जल्द आसमान को छूना चाहती है. परिणामस्वरूप वह अपनी सभ्यता संस्कृति को भूलती जा रही है. लेकिन महासमुंद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानकर आपको हैरानी होगी कि आज भी ऐसे लोग हैं जो अपने घर के बुजुर्गों का इतना सम्मान करते हैं. घर के बुजुर्ग स्वर्गीय बनवारी लाल अग्रवाल गौ सेवक थे. गौ माता के प्रति बहुत ही आदर सत्कार रखते थे. उनकी स्मृति में महासमुंद जिले के सरायपाली के अग्रवाल परिवार ने गौ वंश के देखरेख करने निजी गौशाला बना दिया है.
महासमुंद जिला मुख्यालय से लगभग 113 किमी. दूर सरायपाली शहर है. जहां यह अग्रवाल परिवार निवास करता है. बेसहारा गोवंश को देखकर इस परिवार ने एक पहल की और स्वयं गौशाला का निर्माण किया है. जिसमें वे बाहर घूमने वाले गाय, बैल आदि मवेशियों को लाकर रखते हैं और उनकी सेवा करते हैं. साथ ही किसी गौ वंश के दुर्घटना होने या बीमार होने पर वे उनका उपचार भी करवाते हैं. इसके लिए उन्होंने गौशाला में एक वाहन के साथ चालक व दो परिवारों को भी नियुक्त कर रखा है. जो वहां के सभी मवेशियों का ध्यान रखते हैं. इसके अलावा गौ-सेवकों के द्वारा भी वहां जाकर अपना योगदान दिया जाता है. उनके इस सेवा भाव को देखकर अन्य लोग भी उनसे प्रेरित हो रहे हैं.
लगभग 3 एकड़ जमीन पर गौशाला का निर्माण
सरायपाली निवासी विजय अग्रवाल ने बताया कि उनके दादा बनवारी लाल अग्रवाल की स्मृति में शहर से सरसीवां रोड पर ग्राम केन्दुढार के पास लगभग 3 एकड़ जमीन पर गौशाला का निर्माण करवाया है. जिसमें 5 हजार वर्ग फीट में केवल शेड निर्माण किया गया है. उसमें वे बाहर लावारिस घूमने वाले गाय, बैलों को लाकर रखते हैं और उनकी सेवा करते हैं. उन्होंने इसके लिए गौशाला में दो परिवारों को भी नियुक्त कर रखा है, जो उनकी देखभाल करते हैं. साथ ही बीमार पड़ने पर वे गौ माताओं का इलाज भी कराते हैं. शहर या आसपास के कई लोग किसी मवेशी के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उनसे संपर्क करते हैं. इसके अलावा उनके द्वारा गौ सेवकों के सहयोग से मवेशियों का अंतिम संस्कार भी करवाया जाता है
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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 14:33 IST








