
हाइलाइट्स
आठ लोकसभा की 45 विधानसभा सीटों को साधा, इनमें से 25 सीटों पर है बीजेपी कमजोर
सरकार के नौ साल के विकास, जनकल्याण और सुशासन के काम जन-जन तक पहुंचाए जाएंगे
बीजेपी ने चुनाव के लिए रणनीति बदली, सभी 200 विधानसभाओं से पहुंचे कार्यकर्ता
अजमेर. देश का दिल मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) है तो राजस्थान (Rajasthan) का दिल है अजमेर. प्रदेश के नक्शे में बीच में आने वाला अजमेर भौगोलिक रूप से राज्य के केंद्र में है. बीजेपी (BJP) ने ऐसी रणनीति बनाई है कि प्रधानमंत्री (Prime Minister) की आवाज प्रदेश की 200 विधानसभाओं तक गुंजायमान होगी. इसके साथ ही गहलोत सरकार की लोकलुभावन योजनाओं का जवाब केंद्र की ‘जन-कल्याणकारी’ योजनाएं होंगी. बीजेपी किसी को सीएम फेस बनाने के बजाए डेवलेपमेंट पर फोकस करेगी.
विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जी-जान से जुटी बीजेपी ने केंद्र में अपनी सरकार के नौ साल पूरे होने पर देशभर में महाजनसंपर्क अभियान की शुरुआत की है. एक माह तक चलने वाले इस अभियान में भाजपा नौ साल की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जा रही है. 31 मई से राजस्थान में इस अभियान की विधिवत शुरुआत पीएम ने की है. ताकि अजमेर जनसभा में दिया गया सबका साथ, सबका विकास का मोदी-मंत्र पन्ना प्रमुखों के माध्यम से प्रदेश के जन-जन तक पहुंच सके. पिछले आठ माह में उनका प्रदेश का छठा दौरा है.
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आपके शहर से (अजमेर)
इस बार मंडल स्तर तक के कार्यकर्ता भी आए
बीजेपी ने नई रणनीति के तहत पहली बार पूरे प्रदेश से मंडल स्तर तक के पदाधिकारियों को अजमेर में बुलाया. यानी सभी 200 सीटों से और सभी जिलों से बीजेपी के मंडल स्तर तक के प्रमुख कार्यकर्ता प्रधानमंत्री का मंत्र का उनकी मौजूदगी में मनन कर सकें. इसके पीछे रणनीति यही है कि कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करके पीएम जो चुनावी मंत्र उनको देंगे, सभा के बाद वे पूरे प्रदेश में अपने-अपने क्षेत्रों में यह संदेश लोगों तक पहुंचाएंगे. इससे पहले जो सभाएं हुई हैं, उनमें सिर्फ सभास्थल के आसपास की टारगेटेड सीटों से ही पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों को बुलाया जाता था.
गहलोत सरकार वर्सेज केंद्र की योजनाएं
अजमेर की जनसभा ने आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की चुनावी सियासत का ट्रेंड तय कर दिया है. इससे संकेत मिल रहे हैं कि गहलोत की लोकलुभावन योजनाओं का जवाब केंद्र सरकार की महिलाओं, युवाओं, गरीबों और वंचितों के कल्याण और सर्वांगीण विकास की योजनाएं ही होंगी. बीजेपी की चुनावी सियासी लाइन भी एक तरह से साफ हो गई है कि बड़े नेता सीएम फेस की लड़ाई छोड़कर जनता के बीच जाकर जनाधार बढ़ाएं. क्योंकि बीजेपी चुनाव से पहले सीएम फेस घोषित करने के मूड में नहीं हैं.
वसुंधरा और घनश्याम को साथ रख दिए संकेत
अजमेर-पुष्कर की यात्रा एक और बड़ा संकेत अनुभवी नेताओं को लेकर भी मिला. बीजेपी की नई पीढ़ी जिन नेताओं को ‘चुका हुआ’ मानकर नजरअंदाज कर रही थी, चुनाव में न सिर्फ उनके अनुभव का इस्तेमाल करना है, बल्कि उन्हें साथ लेकर भी चलना है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां के कार्यकाल में बीजेपी के पोस्टर-हॉर्डिंग से गायब हो चुकी वसुंधरा राजे को पीएम न सिर्फ मंच पर अपने साथ बैठाया, बल्कि कई बार सियासी गुफ्तगू भी की. इसी तरह बीजेपी के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी को पुष्कर में ब्रह्माजी के मंदिर दर्शन-पूजन में अपने साथ रखा. इससे यह संदेश गया कि सीएम फेस बनाएं या न बनाएं, लेकिन कद्दावर और मॉस-पुलर नेताओं को साथ लेकर चलना है.
अजमेर से 45 और विधानसभा सीटों को साधा
आठ माह में छह दौरों में पीएम आधी से ज्यादा विधानसभा सीटों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुके हैं. अब अजमेर में जनसभा के जरिए 8 लोकसभा क्षेत्रों की 64 में से45 विधानसभा सीटों को साधा है. इन 45 सीटों में से भाजपा के पास सिर्फ 20 सीटें हैं. बाकी की 25 सीटों में से 20 कांग्रेस, 2 राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और 3 सीटें निर्दलीयों के कब्जे में हैं. पूर्व मंत्री और अजमेर नॉर्थ के विधायक वासुदेव देवनानी के मुताबिक नौ साल पूरे होने के अवसर पर सेवा, जनकल्याण और सुशासन के काम जन-जन तक पहुंचाए जाएंगे.
पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर दर्शन से हिंदुत्व का संदेश
इससे पहले आबू रोड पर हुई जनसभा से पहले प्रधानमंत्री ने नाथद्वारा में भगवान श्रीनाथजी का पूजन-अर्चन किया था. इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए इस बार उन्होंने पहले पुष्कर के विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मा जी के मंदिर में दर्शन और पूजा किया. इसका जिक्र भी अजमेर की जनसभा में सगर्व किया. वे प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार ब्रह्मा मंदिर गए हैं. इससे बीजेपी के मूल एजेंडे हिंदुत्व का संदेश भी देशभर में गया.
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Tags: Bhartiya Janata Party, BJP, Bjp rajasthan, Jaipur news, News18, Rajasthan elections, Rajasthan news in hindi
FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 06:45 IST








