
गर्मियों की छुट्टियों में बच्चे स्कूल से मिला होमवर्क तो पूरा कर ही रहे हैं, साथ ही रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर अपनी प्रतिभा का भी विकास कर रहे हैं. तमाम सरकारी और सामाजिक संस्थाएं गर्मियों की छुट्टियों में अलग-अलग तरह की वर्कशॉप का आयोजन कर रही हैं. साहित्य अकादमी ने भी बच्चों के लिए 5 दिन के लिए रचनात्मक लेखन की कार्यशाला का आयोजन किया.
बच्चों और युवा पीढ़ी को भारतीय भाषाओं तथा साहित्य के प्रति संवेदनशील बनाने, पढ़ने और स्वयं लिखने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य को लेकर साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित कार्यशाला ‘क़िस्सा-ओ-कलम’ का समापन हो गया है. कार्यशाला का आयोजन 29 मई से 2 जून के बीच साहित्य अकादमी के सभागार में किया गया. इस कार्यशाला में 75 बच्चों ने भाग लिया.
कार्यशाला के समापन समारोह में अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने कहा कि आने वाले समय में ये बच्चे एक संवेदनशील नागरिक और लेखक बनकर देश की प्रगति में सहयोग करेंगे. उन्होंने साहित्य अकादेमी द्वारा नवोदय योजना का परिचय भी दिया, जिसमें उभरते हुए युवा साहित्यकार अपनी प्रथम पुस्तक का प्रकाशन साहित्य अकादमी द्वारा करवा सकते हैं.
कार्यशाला का संचालन चंदना दत्ता और वंदना मिश्र द्वारा किया गया. इस दौरान बाल साहित्य विशेषज्ञ अर्चना अत्रि के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम और पुस्तकालय भ्रमण का भी विशेष आयोजन किया गया था.
साहित्य अकादमी द्वारा रचनात्मक लेखन की पहली कार्यशाला का आयोजन 2017 से शुरू किया गया था. इस कार्यशाला का यह चौथा संस्करण था. वर्कशॉप के लिए 8 से 16 वर्ष की आयु के बच्चों का चयन, उनके माता-पिता से बातचीत और बच्चों के साक्षात्कार के बाद, कौशल के आधार पर किया गया था. पांच दिवसीय इस कार्यशाला का संयोजन अकादमी के उपसचिव एन. सुरेशबाबु ने किया.
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Tags: Hindi Literature, Hindi Writer, Literature
FIRST PUBLISHED : June 02, 2023, 18:58 IST








