गर्मी के सीजन में बिखेरता है हुस्न, मिठास का भी है जलवा, क्या आपने खाया है हुस्नआरा आम

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विशाल भटनागर/मेरठ. भले ही बाजारों में अनेक प्रकार के फल मौजूद हों, लेकिन हर किसी को आम के सीजन का इंतजार रहता है. क्योंकि आम की मिठास हर किसी को अपना बना लेती है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए मेरठ से 20 किमी दूर कीनानगर के रहनेवाले अजय त्यागी ने आम की एक नहीं बल्कि 12 से अधिक वैरायटी की बागवानी तैयार की है. जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा हुस्न‌आरा आम की हो रही है.

Local-18 से खास बातचीत में अजय त्यागी ने बताया कि खाड़ी देशों में अनेक प्रकार के आम की फसलें उगाई जाती हैं. जिनकी विशेष डिमांड रहती है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए कोलकाता से आम की लगभग 12 से अधिक वैरायटी के पौधे उन्होंने अपने बाग में लगाई है. इनमें हुस्न‌आरा पेड़ पर आम काफी संख्या में लग रहा है. यह आम अपनी खूबसूरती के साथ-साथ मिठास के लिए भी जाना जाता है. इसकी ऊपर की परत बिल्कुल सेब की तरह होती है. वहीं इसकी मिठास का भी कोई जवाब नहीं है.

अजय त्यागी बताते हैं कि वैसे तो आपको आम की विभिन्न वैरायटी लंगड़ा, चौसा, दशहरी सहित बाजार में कई किस्में देखने को मिलेंगी. इनकी कीमत भी बेहद कम रहती है. लेकिन हुस्नआरा 200 से 300 रुपए किलो बाजार में उपलब्ध होता है.

अजय त्यागी बताते हैं कि वे कभी भी एक किस्म आधारित खेती पर विश्वास नहीं करते हैं. इसीलिए वह नई नई वैरायटी के आधार पर फसल उगाना पसंद करते हैं. उन्होंने आम की भी कस्तूरी, अल्फांसो, रेड आइवरी मैंगो, माई मैंगो, मोहचनोक मैंगो, हुस्नआरा, पर्पल मैंगो, ऑल टाइम स्वीट मैंगो, सुवर्णरेखा सहित 12 से अधिक वैरायटी के पौधे लगाए हैं. इनकी खासियत यह है कि 3 साल में इन पर फल देखने को मिलता है. सबसे अच्छी बात यह है कि अगर कोई छोटा बच्चा भी है. तो वह भी इस आम के पेड़ पर जाकर आम को तोड़ कर खा सकता है. क्योंकि जमीन से 6 इंच ऊपर इन पर आपको आम लगते हुए दिखाई देंगे. बताते चलें इन आम को पकाने के लिए भी किसी प्रकार का केमिकल यूज नहीं किया जाता. बल्कि प्राकृतिक आधार पर बारिश का इंतजार किया जाता है.

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FIRST PUBLISHED : June 02, 2023, 14:59 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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