
ये कहानी यूपी के बलिया के गांव इब्राहिमाबाद के श्यामबाबू की है. श्याम बाबू शाह के पिता की किराना की दुकान थी. जिससे उनका घर चलता था. श्यामबाबू की पांच बहनें, एक बड़े भाई हैं. रानीगंज स्थित श्री सुदिष्ट बाबा इंटर कॉलेज से 2005 में 12वीं की. वे 10वीं पास करने के बाद से ही नौकरी पाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे थे. मेहनत रंग लाई और 12वीं के बाद यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर चुने गए. सिपाही बनने के बाद भी कुछ बनने, अच्छा करने के लक्ष्य ने उन्हें बैटने नहीं दिया. वे पढ़ाई करते रहे. 2010 से पीसीएस परीक्षा देने की सोची.
Author: Up Head Line
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