विश्व दुग्ध दिवस पर एनडीआरआई में प्रदर्शनी का हुआ आयोजन, सॉर्बिटोल रसायन के बारे में किया गया जागरूक

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हिमांशु नारंग/करनाल. दूध एक स्वस्थ संतुलित आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और हर साल विश्व दुग्ध दिवस इस बारे में जागरूकता फैलाने का सही अवसर प्रदान करता है. विश्व दुग्ध दिवस वैश्विक भोजन के रूप में दूध के महत्व और बड़े अनुपात में आर्थिक, पोषण और सामाजिक लाभ को स्थापित करने का एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है. 2001 से प्रत्येक वर्ष 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है.

विश्व दुग्ध दिवस पर आज करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में दुग्ध प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. इस अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने बताया की वर्ष 2021-22 में 221 मिलियन टन के वार्षिक दूध उत्पादन के साथ भारत दूध का सबसे बड़ा उत्पादक है, जो वैश्विक दूध का 24% उत्पादन करता है. उन्होंने बताया कि देश मे प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 444 ग्राम प्रतिदिन है. दूध विटामिन और खनिजों, विशेष रूप से कैल्शियम का एक उत्कृष्ट स्रोत है. यह हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

एनडीआरआई ने डेयरी सेक्टर में किया अच्छा काम
संतुलित आहार के रूप में हमें हर दिन दूध और डेयरी उत्पादों, जैसे दही और पनीर का सेवन करना चाहिए.निदेशक डॉ. धीर सिंह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में प्रमुख संस्थान होने के नाते राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान ने डेयरी सेक्टर में अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं और देश को दुग्ध उत्पाद के मामले में नए मुकाम पर पहुंचाया है. एनडीआरआई ने दूध में अशुद्धियों का पता लगाने और उपभोक्ताओं को सर्वोत्तम गुणवत्ता वाला स्वच्छ दूध उपलब्ध कराने के लिए किट की एक श्रृंखला भी विकसित की है.

सोर्बिटोल बन रहा था स्वास्थ्य के लिए खतरा
प्रदर्शनी में डेयरी टेक्नोलॉजी के छात्रों ने बताया कि दूध में सोर्बिटोल की उपस्थिति का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल के वैज्ञानिकों द्वारा एक त्वरित परीक्षण किट विकसित किया गया है. सोर्बिटोल नामक रसायन से तरल दूध में मिलावट की जा रही हैं. दूध में सोर्बिटोल मिलाने का मुख्य कारण इसके सॉलिड-नॉट-फैट सामग्री को धोखे से बढ़ाना है पर इससे दूध के पोषण मूल्य में कमी आती है. लंबे समय से डेयरी उद्योग दूध में सोर्बिटोल की उपस्थिति का पता लगाने के लिए परीक्षण की मांग की जा रही है. छात्रों ने बताया कि परीक्षण का उपयोग करना बहुत आसान है और इसके लिए किसी उपकरण की भी आवश्यकता नहीं है.इस परीक्षण द्वारा संदिग्ध दूध के नमूनों में सोर्बिटोल की उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है. एक रसायन के साथ दूध के नमूने के मिश्रण पर रंग परिवर्तन को देखकर इसे पहचाना जा सकता है.

मट्ठा में है आइसक्रीम की तुलना में 2.5 गुना अधिक प्रोटीन
आज प्रदर्शनी में पौष्टिक और स्वस्थ भोजन और चारा उत्पादों के प्रदर्शन और संस्थान के विभिन्न प्रभागों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों की पोस्टर प्रदर्शित की गई. इसमें मट्ठा प्रोटीन आइसक्रीम जैसे उत्पादों का प्रदर्शन शामिल रहा.जिसमें बाजार में पारंपरिक रूप से उपलब्ध आइसक्रीम की तुलना में 2.5 गुना अधिक प्रोटीन होता है. अन्य डेयरी उत्पाद जैसे करक्यूमिन फोर्टिफाइड घी, बाजरा लस्सी, सूखे जीवाणु को घरेलू स्तर पर दही की सेटिंग के लिए तत्काल उपयोग के लिए और साथ ही वाणिज्यिक स्तर पर उत्पाद प्रदर्शित किये गए इसके अलावा पशु आहार के पूरक के रूप में खनिज मिश्रण और दूध उत्पादकता बढ़ाने के लिए साइलेज तैयार करने की तकनीक भी प्रदर्शित की गई.

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FIRST PUBLISHED : June 02, 2023, 12:23 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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