
वीरेंद्र पुरी/कैथल: आए दिन अपराधी लूट के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं, लेकिन अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही जाता है. ऐसे ही मामला कैथल के ढांड क्षेत्र से सामने आया है. यहां पुलिस की सीआईए-1 टीम के द्वारा ऐसे 6 अपराधियों को गिरफ्तार किया है जो लूट के लिए पूरा नाटकीय ढंग अपनाते हैं. सब इंस्पेक्टर बनकर लूट की वारदात को अंजाम देते हैं, पर लूटते समय इन्हें ये अंदाजा नहीं था कि एक दिन ये असली पुलिस के हत्थे चढ़ जाएंगे.
डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि पीड़ित ध्यानचंद की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने इस लूट के पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया है. दरअसल, ध्यानचंद पेशे से ट्रक ड्राइवर है. वह आरोपियों से एक सोशल व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिए संपर्क में आया. ग्रुप में उसने एक दिन पुरानी क्रेटा कार की बिक्री का मैसेज पढ़ा. गाड़ी की खरीद को लेकर ध्यानचंद ने उस व्यक्ति से संपर्क साधा और यहीं से शुरू हुआ लूट का पूरा प्लान.
सब इंस्पेक्टर की वर्दी में लुटेरा
सामने से बात कर रहे व्यक्ति ने अपना नाम राजकुमार (असली नाम सुशील ) बताया और उसने गाड़ी दिखाने के लिए ध्यानचंद को शम्भू बैरियर के बॉर्डर पर बुलाया. आरोपी और ध्यानचंद के बीच में ये पूरा सौदा साढ़े 7 लाख में तय हुआ. ध्यानचंद ने पैसों के अरेंजमेंट के लिए एक महीने का वक़्त मांगा और एक महीने बाद जब वह पैसे लेकर अपने दोस्तों के साथ पहुंचा तो बड़ी ही चालाकी से आरोपियों ने उसे और उसके एक दोस्त को अपनी गाड़ी में बैठा लिया और सोलू माजरा की तरफ ले गए. उसी तरफ से होंडा सिटी कार में पांच अन्य आरोपी आए, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर की वर्दी में था. नकली सब-इंस्पेक्टर ने ध्यानचंद और उसके दोस्त को धमकाते हुए कहा…”चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करते हो, ये क्रेटा कार चोरी की है. चोरी के केस में तुम्हें गिरफ्तार करुंगा।” बहस के दौरान आरोपी ने ध्यानचंद के हाथों से साढ़े 7 लाख रुपये से भरा बैग ले लिया और मौके से फरार हो गए. अपनी कार भी साथ ले गए.
अब तक नहीं हुई रुपयों की रिकवरी
इसके बाद पीड़ित ध्यानचंद ने थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि फिलहाल पैसों की रिकवरी नहीं हो पाई है, जल्द ही आरोपियों की रिमांड लेकर उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी. साथ ही जांच की जाएगी कि अब तक और कितने लोगों को ये अपना शिकार बना चुके हैं. पुलिस ने बताया कि ये आदतन अपराधी हैं और इन आरोपियों पर पहले भी कई ऐसे मुक़दमे दर्ज हैं. पकड़े गए आरोपियों की पहचान रेश उर्फ मुर्गा निवासी झांडली जिला फतेहाबाद, अक्षय निवासी झांडली जिला फतेहाबाद, सुशील उर्फ सिल्ली निवासी वार्ड नं. 4 भूना, अजय उर्फ टिकूं निवासी वार्ड नं. 9 भूना जिला फतेहाबाद, गुरचरण उर्फ बिल्ला निवासी सफीपुर जिला संगरूर पंजाब, प्रगट निवासी बगरौल जिला संगरूर पंजाब के रुप में हुई है.
.
FIRST PUBLISHED : June 01, 2023, 23:39 IST








