पार्किसंस रोग की गंगाराम अस्‍पताल में हुई अनोखी सर्जरी, 51 साल की महिला के दिमाग में डाला गया पेसमेकर और…

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्‍ली. गंभीर से गंभीर बीमारियों के इलाज में राजधानी का सर गंगा राम अस्‍पताल आए दिन नई-नई तकनीकों का इस्‍तेमाल कर मरीजों को जीवनदान दे रहा है. हाल ही में अस्‍पताल में एक बेहद दुर्लभ सर्जरी को अंजाम दिया गया है. गाजियाबाद की रहने वाली 51 साल की महिला सावित्री देवी पिछले 9 सालों से पार्किंसंस रोग (Parkinson’s disease) से पीड़ित थीं, जिन्‍हें दुर्लभ सर्जरी के बाद पूरी तरह ठीक कर दिया गया है.

सर गंगाराम अस्‍पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग में सा‍वित्री देवी करीब महीने पहले आई थी. सावित्री को बीमारी की शुरुआत में कंपकंपी और ब्रैडकिनेसिया (चलने-फिरने में कठिनाई) की परेशानी हुई और बाद में उसमें कठोरता आ गई. दवाओं के साथ उसका इलाज किया जा रहा था लेकिन उसके लक्षण बिगड़ते रहे और वह जो दवाएं ले रही थीं उससे साइड इफेक्ट होने लगे. बिना दवाओं के वह न तो ठीक से चल पाती थी और न करवट लेती थीं और न ही बिस्तर से उठ पाती थी. दवाओं से, वह अपने हाथों और पैरों को नियंत्रित नहीं कर पाती थी और वे उनके नियंत्रण के बिना चलते थे.

कई अस्पतालों में इलाज कराने के बाद भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और उसके लक्षण बिगड़ते गए. वह आखिरकार गंगाराम अस्‍पताल में उनका गहन मूल्यांकन किया गया. अस्‍पताल में सावित्री को डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (Deep Brain Stimulation)का विकल्प दिया गया.

आपके शहर से (दिल्ली-एनसीआर)

राज्य चुनें
दिल्ली-एनसीआर

राज्य चुनें
दिल्ली-एनसीआर

अस्‍पताल के न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट में एसोसिएट कंसल्टेंट डॉ. श्रेय जैन के अनुसार, ‘डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (Deep Brain Stimulation) एक नई सर्जरी है, जिसमें आप मस्तिष्क के विशेष क्षेत्रों को उत्तेजित करते हैं. यह दिमाग के पेसमेकर की तरह ही काम करता है. इस मामले में, हमने मस्तिष्क के सबथैलेमिक न्यूक्लियस (Subthalamic nucleus) को उत्तेजित करने की योजना बनाई. सर्जरी का उद्देश्य बीमारी को नियंत्रित करने और रोगी की जीवनशैली में सुधार करने में मदद करना है. यह विशेष रूप से पार्किंसंस रोग, कंपकंपी, डायस्टोनिया जैसी बीमारियों में उपयोगी है. इसका मूल्यांकन करने पर अवसाद और उन्माद जैसी मानसिक स्थितियों के लिए सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए. मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (minimally invasive surgery) तब की जाती है जब मरीज पूरी सर्जरी के दौरान कुशल एनेस्थेटिस्ट और तकनीशियनों की सहायता से उन्नत गैजेट्स के बैक अप के साथ जाग रहा होता है.’

डॉ. जैन ने आगे बताया, ‘इसमिनिमली इनवेसिव सर्जरी (minimally invasive surgery)में खोपड़ी में दो छोटे छिद्रों के माध्यम से गहरे मस्तिष्क में इलेक्ट्रोड को द्विपक्षीय रूप से पारित किया जाता है. सर्जरी के दौरान मरीज की लगातार जांच और ब्रेन इलेक्ट्रिक करंट (brain electric current) रिकॉर्ड कर लोकेशन की पुष्टि की गई. सर्जरी के दौरान उसके बातचीत, आंखों की गति और अंगों की शक्ति पर नजर रखी जा रही थी और यह देखा जा रहा था कि उसके लक्षणों में कैसे सुधार हो रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सर्जरी का प्रभाव कम से कम जटिलताओं के साथ अधिकतम हो. सर्जरी के दौरान, उसने एक बिंदु पर बोलना बंद कर दिया, इसलिए इलेक्ट्रोड को बदल दिया गया और मरीज की बोलने की शक्ति वापस आ गई. इलेक्ट्रोड सही स्थिति में हैं यह सुनिश्चित करने के लिए सर्जरी के बाद सीटी स्कैन (CT Scan) भी किया गया था. बाद में पेसमेकर की तरह छाती की दीवार में बैटरी डाली गई.’

सर्जरी के बाद यह मरीज काफी हद तक ठीक हो गया है और दवाओं के किसी भी दुष्प्रभाव के बिना सामान्य जीवन जीने में सक्षम है. दवाओं की खुराक कम हो गई है और उनके दुष्प्रभाव कम से कम हैं. सावित्री देवी बहुत खुश हैं और लगभग सामान्य जीवन जी रही हैं जो उन्‍हें असंभव लगता था, हाथ-पैर कांपने के लक्षणों में काफी सुधार हुआ है, वह अब चीजों को ठीक से पकड़ सकती हैं.

डॉ. अजीत के. सिन्हा सीनियर कंसलटेंट ने बताया, ‘अब बहुत कम चुनिंदा स्थानों पर सर्जरी उपलब्ध हैं, जहां जिन बीमारियों का पहले कोई इलाज नहीं था, दवाएं कम करके नियंत्रण में लाया जा सकता है. अकेले भारत में 7 मिलियन से अधिक लोग पार्किंसंस बीमारी से पीड़ित हैं और यह बीमारी दुर्बल करने वाली हो सकती है. डीप ब्रेन स्टिमुलेशन के साथ जिन अन्य बीमारियों ने सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं उनमें कंपकंपी, डायस्टोनिया, अवसाद, ओसीडी, मिर्गी और पुराने दर्द शामिल हैं. उन्नत होती तकनीक और सर्जिकल कौशल के साथ, लोगों को ऐसे विकल्पों के बारे में जागरूक होना चाहिए ताकि इन समस्याओं के होते हुए भी सामान्य जीवन जीने का सबसे अच्छा मौका मिल सके.’

Tags: Gangaram Hospital

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें