IAS बनकर पूरा किया मां-बाप का सपना, फिर अपने सपनों के लिए छोड़ी दी नौकरी, बिजनेस में भी खूब कमाया नाम और पैसा

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हाइलाइट्स

बालागोपाल चंद्रशेखर ने 1976 में सिविल सेवा परीक्षा पास की.
ब्लड बैग बनाने वाली कंपनी पेनपोल की स्थापना की.
2012 में कंपनी में अपना सारा हिस्सा बेचकर रिटायरमेंट ले लिया.

Success Story: IAS की नौकरी के लिए कई युवाओं ने प्राइवेट जॉब छोड़ी और UPSC एग्जाम क्लियर करके यह प्रतिष्ठित सर्विस पाई. भारत में प्रशासनिक सेवाओं को बेहद सम्मान के नजरिये से देखा जाता है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी रहे हैं, जिन्होंने IAS बनने के बाद बिजनेस के लिए यह नौकरी छोड़ दी. हालांकि, ऐसे लोगों की संख्या जरूर कम है लेकिन उससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात है कि ये लोग आज बिजनेस में बुलंदियों को छू रहे हैं. बालगोपाल चंद्रशेखर उन चुनिंदा शख्सियतों में से एक हैं.

पूर्व IAS अधिकारी बाला गोपाल चंद्रशेखर की सक्सेस स्टोरी कई युवा उद्यमियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है. भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी के रूप में अपने माता-पिता की सपनों को पूरा करने के बाद चंद्रशेखर ने अपने मन की सुनी और कॉरपोरेट वर्ल्ड में जाने के लिए सिर्फ 30 साल की उम्र में सिविल सर्विस की नौकरी छोड़ने का फैसला किया. खास बात है कि बिजनेस जगत में भी उन्होंने खूब नाम कमाया.

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6 साल में दे दिया IAS से इस्तीफा
केरल में जन्मे बालगोपाल ने 1976 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की. ट्रेनिंग के बाद उन्हें मणिपुर कैडर मिला लेकिन 1977 बैच के आईएएस अधिकारी बालगोपाल चंद्रशेखर ने महज 6 साल बाद 1983 में IAS की नौकरी से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद उन्होंने भाई सी पद्मकुमार के साथ बायोमेडिकल उपकरणों का निर्माण करने वाली अपनी कंपनी पेनपोल (Terumo Penpol) शुरू करने का फैसला किया.

सिर्फ 6 साल की सेवा के बाद IAS अधिकारी के पद से बालागोपाल चंद्रशेखर के इस्तीफा देने की एक बड़ी वजह थी. दरअसल उनका यह फैसला तिरुवनंतपुरम में श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में एक R&D सुविधा की यात्रा से प्रेरित था, यहां वैज्ञानिकों ने स्वदेशी रूप से ब्लड बैग विकसित किए थे.

बिजनेस से भी ले लिया रिटायरमेंट
बालागोपाल चंद्रशेखर की कंपनी पेनपोल ने 1987 में 1 करोड़ रुपये की लागत के साथ ब्लड बैग बनाने का निर्माण कार्य शुरू किया. चंद्रशेखर ने 1999 में इस कंपनी को जापानी कंपनी टेरुमो के साथ एक ज्वाइंट वेंचर करके अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और भारत के सबसे बड़े ब्लड बैग मैन्युफैक्चर, टेरुमो पेनपोल की स्थापना की.

चंद्रशेखर ने 2012 में जापानी पार्टनर को कंपनी में अपना हिस्सा बेच दिया और 26 साल के सफल बिजनेस करियर से रिटायरमेंट ले लिया. 2015 से 2021 के बीच बालागोपाल चंद्रशेखर ने फेडरल बैंक में बतौर चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं दीं.

Tags: Business ideas, IAS, Starting a business, Success Story

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Author: Up Head Line

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