करौली के हर मंदिर में दो महीने तक चलते हैं शीतल जल के फव्वारे, जानें वजह

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मोहित शर्मा/करौली. अपनी अनोखी धार्मिक मान्यताओं के लिए करौली विश्व भर में विख्यात है. यहां गर्मियों के मौसम में एक अनोखी मान्यता सालों से चली आ रही है. यहां गर्मी के मौसम में लोग अपने बचाव के लिए कई तरह की युक्ति अपनाते हैं, ठीक उसी प्रकार यहां हर मंदिर में ठाकुर जी को ठंडक पहुंचाने के लिए गर्भ गृह के बाहर शीतल जल के फव्वारे चलाए जाते हैं. यहां सर्दी के मौसम में ठाकुर जी को के लिए अंगीठी जलाई जाती है.

श्री राधा गोविंद देव जी पंचायती मंदिर के पुजारी गोपाल गोस्वामी ने बताया कि गर्मी के मौसम में ठाकुर जी के लिए जो फव्वारे लगाए जाते हैं उनका एक अपना महत्त्व है. यहां हर मंदिर में वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया यानी अक्षय तृतीया के दिन से ठाकुर जी के लिए शीतल जल के फव्वारे चलने शुरू हो जाते हैं.

पुजारी गोपाल गोस्वामी के मुताबिक, गर्मी के मौसम में मंदिर के गर्भ गृह के बाहर लगने वाले फव्वारे ठाकुर जी को ठंडी तासीर के लिए लगाए जाते हैं. इन शीतल जल के फव्वारों से ठाकुर जी को ठंडक मिलती है. इसके साथ ही ठाकुर जी को ठंडक पहुंचाने के लिए खास प्रकार की खस भी लगाई जाती है.

पंचायती मंदिर के पुजारी गोपाल गोस्वामी ने बताया कि गर्मी के मौसम में मंदिर में लगने वाले फव्वारे यहां 2 महीने तक चलते है. ये अक्षय तृतीया से शुरू होते हैं, जबकि आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया के दिन बंद किए जाते हैं.

.

FIRST PUBLISHED : May 29, 2023, 15:16 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें