Aastha : भगवान शिव ने क्यों नंदी बाबा को खुद से किया था दूर ? जानिए कालेश्वर महादेव मंदिर की कहानी

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अशोक यादव/कुरुक्षेत्र. शिव भक्तों में महादेव को लेकर अटूट विश्वास है. देश-विदेश में भगवान शिव के अनेकों शिव मंदिर हैं लेकिन जो अनोखा शिव मंदिर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में है .शायद ही आपने कहीं और देखा होगा. जितना ऐतिहासिक ये शिव मंदिर है उतना ही अनोखा है. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि यहां बिना नंदी के भोलेनाथ विराजमान है. अक्सर हमने हर शिव मंदिर में नंदी को भगवान शिव के पास देखा है. लेकिन यहां ऐसा नहीं है. देशभर में एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां शिवलिंग बिना नंदी के स्थापित है.

ऐसी मान्यता है कि आकाश मार्ग से गुजर रहे लंकापति रावण का उड़न खटोला कालेश्वर महादेव मंदिर के ऊपर आते ही डगमगा गया था. इसके बाद लंकापति रावण ने यहीं बैठकर पूजा शुरू कर दी. मान्‍यता है कि रावण की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव अवतरित हुए और उन्होंने रावण से तपस्या का करना पूछा . रावण ने भगवान शिव से काल पर विजय का वरदान मांगा, लेकिन इससे पहले रावण ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि इस मनोकामना का साक्षी कोई तीसरा नहीं हो. भगवान शिव ने इस दौरान नंदी महाराज को अपने से दूर किया था. इसके बाद से यहां शिवलिंग बिना नंदी महाराज के स्थापित हैं.

अकाल मृत्यु पर विजय का मिलता है वरदान
कालेश्वर मंदिर मुख्य पुजारी का कहना है कि कालेश्वर तीर्थ तट स्थित भगवान कालेश्वर मंदिर देश दुनिया में अपनी विशेष मान्यता से धार्मिक आस्था का केंद्र है. यहां की महत्ता है कि जो भी श्रद्धालु शनिवार और सोमवार को शिवलिंग पर जल अर्पित करता है. उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती. इसी स्थान पर भगवान शिव ने रावण को काल पर विजयी होने का वरदान प्रदान किया था.इसलिए इस मंदिर का नाम कालेश्वर महादेव हैं. भगवान शिव की पूजा से काल को भी मोड़ा जा सकता है.

सरस्वती नदी से तालाब को मिलता था जल
यह एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां भगवान शिव के साथ नंदी महाराज जी की मूर्ति नहीं है. रावण ने भगवान शिव से काल पर विजय का वरदान यहीं मांगा था. यहां शनिवार और सोमवार को जल अर्पित करने वाले को अकाल मृत्यु नहीं होती. मंदिर कालेश्वर तीर्थ के किनारे है जहां पर स्नान करने के लिए तालाब है. इसमें सरस्वती नदी का पानी आता था और लोग स्नान करते थे.यहां पर प्राचीन घाट भी स्थित है.

(NOTE: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं. NEWS18 LOCAL किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है.)

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FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 15:28 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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