
आपके शहर से (अलवर)
पीयूष पाठक/ अलवर. आमतौर पर सभी लोग गोलगप्पे खात हैं. लेकिन कोई भी व्यक्ति यह जानने में दिलचस्पी नहीं रखता कि जहां वे गोलगप्पे खा रहे है, वह दुकान या ठेला कब से लग रहा है. लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं अलवर शहर के एक ऐसे ठेले की जिसने शहर वासियों को गोलगप्पे के टेस्ट से अवगत कराया. यह गोलगप्पे का ठेला पुराना कटला सुभाष चौक स्थित जगन्नाथ जी मंदिर के बाहर लगता है. शुरुआती समय से ही यह एक ठेले पर संचालित है. खास बात यह है कि इसे खिलाने वाले व्यक्ति ओमप्रकाश की उम्र आज करीब 70 वर्ष हैं. इनके गोलगप्पे का टेस्ट लोगों को इतना स्वादिष्ट लगता है, कि शहर भर से लोग इनके यहां गोलगप्पे खाने के लिए आते हैं.
10 पैसे के 4 गोलगप्पे खिलाने से हुई थी शुरुआत
ओम प्रकाश गोल गप्पे का काम सन 1968 से कर रहे है.इन्होंने अपनी 15 साल की उम्र में इस काम की शुरुआत की. आज ओमप्रकाश की उम्र करीब 70 वर्ष हो गई है. शहर वासियों के बीच इनके ठेले का नाम कालू भाई की गोलगप्पे के नाम से प्रसिद्ध है. यहां गोलगप्पे खाने वाले लोगों का कहना है कि इनके गोलगप्पे के मुकाबले शहर में गोलगप्पे नहीं मिलते. इनके यहां मीठा पानी व खट्टा पानी के गोलगप्पे मिलते हैं. शुरुआती दौर में 10 पैसे के 4 गोलगप्पे इन के यहां मिलते थे. लेकिन अब में 10 रुपये में 2 गोलगप्पे लोगों को खिलाते हैं.
सिर्फ तीन घंटे तक ही लगता है ठेला
लोग इनके गोलगप्पे के इतने शौकीन है कि इनके पास फोन करके आते हैं. इनकी ठेली का समय शाम 5 बजे से लेकर रात को करीब 8 बजे तक रहता है. ओम प्रकाश ने अपने काम की शुरुआत भी जगन्नाथ मंदिर के बाहर से ही की. आज भी उनका ठेजा इसी जगह पर संचालित है. दूर-दूर से लोग यहां पर गोलगप्पे खाने के लिए आते हैं.इतना ही कई लोग गांवों से भी स्पेशल इनके गोलगप्पे खाने के लिए आते हैं.
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Tags: Alwar News, Rajasthan news
FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 12:56 IST








